आपके घर तो नहीं घुस आई, लग्जरी कारों से भी महंगी बिकने वाली ये छिपकली

Jul 11, 2017
आपके घर तो नहीं घुस आई, लग्जरी कारों से भी महंगी बिकने वाली ये छिपकली

बिहार। आप जानकर चौक जायेंगे जब आपको ये बता चलेगा कि दुनिया में एक ऐसी छिपकली भी है, जिसकी कीमत मर्सिडीज व बीएमडब्ल्यू आदि लग्जरी कारों से भी अधिक है। जी हाँ इस छिपकली का नाम ‘गीको’ है। तस्करी कर ले जाई जा रहीं ऐसी तीन छिपकलियां बुधवार को किशनगंज से सटे बंगाल सीमा में इकरचला काली मंदिर के निकट एसएसबी व बंगाल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिली हैं। इस छिपकली का उपयोग मर्दानगी बढ़ाने वाली दवाओं के निर्माण में होता है। इन छिपकलियों के अलावा एसएसबी व बंगाल पुलिस ने तस्करों के पास से भगवान विष्णु की दुर्लभ मूर्ति भी बरामद की। छिपकलियों व पूर्ति की कीमत चार करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

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आपको बता दें कि ‘गीको’ एक दुर्लभ छिपकली है, जो ‘टॉक-के’ जैसी आवाज़ निकालने के कारण ‘टॉके’ भी कही जाती है। इसके मांस से नपुंसकता, डायबिटीज, एड्स और कैंसर की परंपरागत दवाएं बनाई जाती हैं। इसका इस्तेमाल मर्दानगी बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। खासकर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में इसकी बेहद मांग है। चीन में भी चाइनीज ट्रेडिशनल मेडिसिन में इसका उपयोग किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसी एक छिपकली की कीमत एक करोड़ रुपये तक है। यह छिपकली दक्षिण-पूर्व एशिया, बिहार, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, पूर्वोत्तर भारत, फिलीपींस तथा नेपाल में पाई जाती है। जंगलों की निरंतर कटाई होने की वजह से यह ख़त्म होती जा रही है। बुधवार को बरामद तीन छिपकलियाें की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ढ़ाई करोड़ से अधिक बताई जा रही है।

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इस प्रजाति की तीन छिपकलियों को ले जा रहे तस्कर इनामुल हक ने बताया कि चीपी कच्छन, करणदिघी निवासी फैजुल ने उसे मूर्ति व छिपकलियों को सिलीगुड़ी निवासी एक युवक को देने के लिए कहा था। इस काम के लिए उसे 15 हजार रुपये दिए गए थे। बाद में छिपकलियों को चोरी-छिपे चीन भेजा जाना था। छिपकलियों को फॉरेस्ट रेंज ऑफिस को दिया गया है। बरामद मूर्ति पांजीपाड़ा थाने में रखी गई है। एसएसबी के उप सेनानायक कुमार सुंदरम के अनुसार बरामद मूर्ति लगभग एक हजार साल पुरानी है। 27 इंच लंबी व 14.120 किलोग्राम वजनी इस मूर्ति की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में दो करोड़ से अधिक आंकी जा रही है। सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति को यह मूर्ति डेढ़ लाख में बेची जानी थी।

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