आप राष्ट्रपति चुनाव भी जीत सकते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में चल रही लड़ाई कौन जीतेगा: शिवसेना

Jun 19, 2017
आप राष्ट्रपति चुनाव भी जीत सकते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में चल रही लड़ाई कौन जीतेगा: शिवसेना

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मुंबई में मुलाकात के महज एक दिन बाद सोमवार को शिवसेना ने जम्मू एवं कश्मीर और बंगाल की स्थिति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ और ‘दोपहर का समाना’ में एक संपादकीय में कहा, “अमित शाह का कहना है कि अगर महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव हुए तो वे उसमें जीत हासिल कर लेंगे। वे राष्ट्रपति चुनाव भी जीत सकते हैं। लेकिन जम्मू एवं कश्मीर में चल रही लड़ाई कौन जीतेगा?”

सेना ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में जारी हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धरती पर मौजूद स्वर्ग जैसे ये स्थल इन बुरे दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन ‘कुछ लोगों’ को केवल महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव जीतने की पड़ी है।

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संपादकीय में कहा गया है, “हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं, हालांकि हम महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव जीतने या हारने को लेकर चिंतित नहीं हैं। हमारी सबसे बड़ी चिता है कि क्या लंबे समय तक कश्मीर भारत के नक्शे पर रह पाएगा।”

संपादकीय के अनुसार, “भाजपा राष्ट्र-विरोधी तत्वों के साथ एकजुट खड़ी है, वह महबूबा का समर्थन कर रही है, जो लापरवाही से बयानबाजी कर रही हैं, लेकिन ‘संघ’ के किसी भी सदस्य में उन्हें चुनौती देने का साहस नहीं है।”

सेना ने कहा कि जब भी कश्मीर में हमारे सुरक्षा बल मुठभेड़ करते हैं या आतंकवादियों को मार गिराते हैं, उसके बाद भारतीय सेना के शिविरों पर जवाबी हमले किए जाते हैं, जिनमें हमारे जवान शहीद होते हैं।

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सेना ने कहा, “पश्चिम बंगाल में अलगाववादी भारी हथियारों से लैस हैं और उन्हें विभिन्न गुटों से समर्थन मिल रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित करने का हर संभव प्रयास कर रही हैं।”

सेना ने कहा कि ऐसा लगता है कि आईएस, लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और आईएसआई (पाकिस्तान) ने संवेदनशील सीमावर्ती राज्य पर पहले ही कब्जा कर लिया है।

संपादकीय के अनुसार, “इन लोगों (भाजपा/संघ) को वहां ध्यान देना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि आप जम्मू एवं कश्मीर की लड़ाई कैसे जीत सकते हैं। उन्हें सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ न जाए। वहां की स्थिति हाथ से बाहर निकल चुकी है। कश्मीर को बचाना जरूरी है।”

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