“जो दलित तुम पर आज राज कर रहे हैं,वो कभी तुम्हारे जूतेे साफ किया करते थे”: मधु मिश्रा

Apr 05, 2016

ये लड़ाई काफी पुरानी है। पर इतिहास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से लेकर तमाम राजनेता इसकी खाई को पाटने की कोशिश करते आए हैं। हमेशा से समाज में एक तबका इसको भुला नहीं पाया है। एक ने भूलने की कोशिश की तो उसके दर्द को कुरेद कर हरा-भरा कर दिया गया। और उसे याद दिलाया गया तुम क्या हो,तुम्हारे पूर्वज क्या थे। तुम समाज में बराबरी की धारा में भले ही आ जाओ लेकिन तुम्हारा भूत तुम्हें हमेशा याद दिलाया जाता रहेगा। कल यूपी भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष मधु मिश्रा ने एक ऐसे बयान को हवा दे दी जिससे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की पोल खुल गई। क्योंकि उस पार्टी के मुखिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दलितों के प्रेरणा में शामिल लोग सावित्रीबाई फुले,रविदास औऱ बाबा अंबेडकर की जय-जयकार के नारे लगाते है। ट्विट पर लोगों को बधाईयां देते है। पर उऩ्हीं के कार्यकर्ता औऱ नेता उनकी सहानुभूति औऱ दिखाबे का सत्यानाश कर डालते है।

कल उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मधु मिश्रा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि” आज जो तुम्हारे  सिर पर बैठ कर संविधान के सहारे जो राज कर रहे हैं। याद करो..वो कभी तुम्हारे जूते साफ किया करते थे। आज तु्म्हारे हुजूर हो गए हैं..क्यों ? क्योंकि हम बंट गए..। हम विभाजित हो गए। इसलिए…

छुआ-छूत उँच-नीच और अपृष्यता जैसे शब्द दलित समाज के लिए हमेशा से कठिनाई यानि बेहतर जिंदगी न जी पाने का कारण बनते रहे हैं। हमेशा सुर्खियाँ बनती रहती हैं कि दलित समाज के साथ भेदभाव,दलित समाज का होना एक तरह का अभिशाप बनता जा रहा है। अभी हाल में राजस्थान बाड़मेर में दलित बेटी डेल्टा मेघवाल को मार दिया गया. वहीं कुछ दिन पहले रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या कर दी गई। ऐसे हमले हिंदुस्तान में दलितों के समय-समय पर देखने को मिलते रहें है। जबकि संविधान में सबको सामान जीने का अधिकार,रहने-खाने औऱ पीने का अधिकार,भाषा-धर्म औऱ जाति चुनने का अधिकार प्रदत्त है फिर भी ऐसे बयान का समाज में आना इसे क्या कहेंगे ? इससे किसकी मानसिकता की पोल खुलती है ?

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