Yes It’s Silly:बाटी खाते वक्त सुई गिरने जितनी भी आवाज नहीं आनी चाहिए

Apr 02, 2016

दाल-बाटी खाने के नियम… .
.बाटी जीन्स पहनकर नहीं खानी चाहिए। बैठने में तकलीफ होती है, बाटी कम भाती है।
.बाटी खाते वक्त मोबाइल को स्विच ऑफ रखें। बात करने से पेट में हवा जाती है, जिससे एक बाटी कम खाई जाती है।
.बाटी खाते वक्त सुई गिरने जितनी भी आवाज नहीं आनी चाहिए। खाते वक्त कोई बच्चा आवाज करे तो, उसे भी लप्पड़ लगाना चाहिए, बगैर रहम करे।
. बाटी खाते वक्त पंखा पास में होना चाहिए।
.बाटी खाते वक्त घी की बाल्टी फुल होनी चाहिए। जितना घी जाएगा बाटी के साथ, उतनी तरावट रहेगी और कुम्भकर्ण के जैसे नींद आएगी एकदम टेंशन फ्री।
.बाटी खाने के बाद मिथुन चक्रवर्ती की पिक्चर नहीं देखनी चाहिए, उससे माथा खराब रहता है, खोपड़ी घनचक्कर होती है।
.जिस दिन घर पर बाटी बनती है उस दिन घर में खुशी का माहौल रहता है। बच्चे भी सभी काम पर लग जाते हैं। कोई कांदा काटने लग जाता है, कोई चटनी घोटता है।
.बाटी खाने के बाद दाल बाटी और लड्डू की तारीफ करने से पुण्य मिलता है। और पिछले जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं।
.बाटी की धूप भी लगाते हैं। पांच पकवान की तरह मानते हैं।
.इसे खाने के बाद ऐसा लगता है जैसे कर्जा उतार दिया।
.बामण गुरु के अनुसार बाटी खाने का सही दिन रविवार है।

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