रियो ओलंपिक : भारतीय महिला कुश्तीबाज बबीता कुमारी हारीं, स्वर्ण या रजत पदक की उम्मीद खत्म

Aug 18, 2016

रियो डी जेनेरियो। भारत को पदक मिलने की उम्मीदों को उस वक्त झटका लगा जब महिला कुश्ती में पदक की प्रबल दावेदार मानी जाने वाली भारत की बबीता कुमार हार गईं। गुरुवार को महिला कुश्ती का वह अपना पहला ही मुकाबला हार गईं। इस हार के साथ ही वह स्वर्ण या रजत पदक जीतने की रेस से भी बाहर हो गई हैं।

53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत की बबीता कुमारी को ग्रीस की पहलवान मारिया प्रेवोलाराकी ने पटखनी दी। मारिया ने शुरू से ही अपनी पकड़ मजबूत बना ली थी और अंत तक उनकी लय बरकरार रही। पहला राउंड उन्होंने 3-0 से जीता और मैच के अंत तक वह 5-1 की बढ़त बनाने में कामयाब रहीं।

Babita Kumari loses to Greece’s Maria Prevolaraki in pre-quarterfinals of Women’s 53 kgs freestyle wrestling

— ANI (@ANI_news)

बबीता कुमारी को पदक की दौड़ में बने रहने के लिए रेपचेज से मिलने वाले मौके का इंतज़ार करना होगा। साक्षी मलिक भी इसी रास्ते से होकर पदक तक पहुंची थीं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता बबीता कुमारी से भी साक्षी मलिक की तरह कांस्य पदक जीतने की उम्मीदें अभी भी शेष हैं।

26 वर्षीय बबीता को मुकाबले में बेहतर वापसी करने के लिए जाना जाता है। अगर रेपचेज मुकाबला होता है और उसके दोनों राउंड में भारतीय महिला पहलवान की किस्मत साथ देती है तो यकीनन भारत को दूसरा पदक मिलना तय है। साक्षी ने बुधवार को 58 किग्रा भारवर्ग में रेपेशाज के जरिये ही कांस्य पदक जीता था।

यहां जानिए कि क्या होता है रेपचेज

रेपचेज कुश्ती का ऐसा प्रारूप है जिसमें शुरुआती दौर में ही हारकर बाहर हो जाने वाले प्रतिभागियों को मेउल जीतने का एक और मौका दिया जाता है। नॉकआउट में हारने वाले वे पहलवान जो फाइनल में पहुंचने वाले पहलवानों से हारा है, को रेपचेज में मौका दिया जाता है। इसमें दो कांस्य पदक दिए जाते हैं।

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