‘सबका साथ, सबका विकास’ मोदी सरकार का मूलमंत्र: नकवी

May 25, 2016

‘सबका साथ, सबका विकास’ को मोदी सरकार का मूलमंत्र बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ‘सेकुलरिज्म’ के नाम पर दशकों से चल रहे ‘पोलिटिकल पाखण्ड’ को दरकिनार कर मोदी सरकार ने अल्पसंख्यकों की तालीम, तरक्की, सुरक्षा को केंद्र बिंदु बनाकर उनके सशक्तिकरण के कार्यक्रमों, योजनाओं को जमीन पर उतारने का सार्थक काम किया है.

नकवी ने कहा, ”मोदी सरकार के दो वर्ष के दौरान देश के सभी वर्गों के साथ-साथ अल्पसंख्यकों में भी विकास और विश्वास का जबरदस्त माहौल बना है.”

अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ”राजनीतिक शोषण की राजनीति के कारण पिछले कई दशकों से अल्पसंख्यक विशेषकर मुस्लिम समाज को विकास की रोशनी से दूर रखा गया. लेकिन मोदी सरकार द्वारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रख कर बनाई गई योजनाओं और नीतियों का सबसे अधिक फायदा गरीब-पिछड़े मुसलमानों सहित सभी अल्पसंख्यको को पहुंचा है. गरीबी हटाओ हमारे लिए राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति है.”

नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट में इस साल काफी वृद्धि करके 3800 करोड़ रूपये हो गया है, साथ ही प्रधानमंत्री के नए 15-सूत्री कार्यक्रम के तहत कई अन्य मंत्रालयों ने अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए अपने मंत्रालय के बजट से खर्च करने की दिशा में प्रभावी काम किये, इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री के आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का गरीब अल्पसंख्यक परिवारों को बड़े पैमाने पर लाभ हुआ है.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपने पिछले दो वर्षो के कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव, बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के समाज के गरीब, किसान, कमजोर तबको, महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों और युवाओं को देश की तरक्की का भागीदार बनाया है.

नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री का नया 15-सूत्री कार्यक्रम, मिशन सशक्तिकरण, उस्ताद, हमारी धरोहर, नई मंजिल, पढो परदेस, सीखो और कमाओ, नई रोशनी, जियो पारसी, बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम जैसी योजनाएं सिर्फ योजनाएं नहीं हैं बल्कि मोदी सरकार का अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए दृढ और ईमानदार संकल्प है जो तेजी से जमीन की सच्चाई बन रहा है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का नया 15-सूत्री कार्यक्रम अल्पसंख्यकों के संपूर्ण विकास में अहम भूमिका निभा रहा है. इसके तहत विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में विकास कार्य तेज गति से हुआ है . सर्व शिक्षा अभियान’ के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश के अलग-अलग अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 2015 में 7667 प्राथमिक स्कूलों और अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण किया है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज (आईसीडीएस) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत 2015-16 में 829 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया गया. स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत 2014-15 और 2015-16 में 13,104 स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता दी गई.

नकवी ने कहा कि दीनदयाल ग्रामीण कौशल योजना के तहत 26,616 लाभार्थियों को कवर किया गया. स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के अंतर्गत अल्पसंख्यक वर्ग के 44,000 लोगों को रोजगारपरक ट्रेनिंग दी गई. करोड़ों रूपये के बैंक ऋण अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को दिए गए. 2015 में इंदिरा आवास योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत अल्पसंख्यकों के लिए 5.07 लाख घरों का निर्माण किया गया है.

उन्होंने कहा कि आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के इंटीग्रेटेड हाउसिंग एंड स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 2014-15 और 2015-16 में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 138 शहरों में मूलभूत सुविधाएं दी गई.

नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय के बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों को 2014 -2015 से लगभग 1900 करोड़ रूपए जारी किये गए. इस कार्यक्रम का लक्ष्य अल्पसंख्यकों की अच्छी खासी संख्या वाले क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक अवसंरचना सृजित करना और मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर विकास की कमियों का समाधान करना है.

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि 2016-17 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़कर 3800 करोड़ रूपये किया गया है. इस बजट का लगभग 50 प्रतिशत अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण पर खर्च किया जायेगा.

नकवी ने कहा कि 1.25 करोड़ अल्पसंख्यक तबके के छात्रों में 4 हजार करोड़ रूपए की छात्रवृति आवंटित की गई है. लगभग 1.2 लाख लोगों को सीखो और कमाओ योजना के तहत विभिन्न प्रकार की रोजगारपरक ट्रेनिंग दी गई है. 1 लाख से ज्यादा महिलाओं को नई रौशनी के तहत ट्रेनिंग दी गई है.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं का ही नतीजा है कि केंद्रीय सरकारी नौकरियों में अल्पसंख्यकों का प्रतिशत बढ़ा है. 2013-14 में सरकारी नौकरियों में अल्पसंख्यकों का प्रतिशत 6.91 था वही  2014-15 में यह 8.70 प्रतिशत हो गया. यह सब कुछ समाज में भेदभाव के खात्मे और विकास और विश्वास के माहौल का असर है.

नकवी ने कहा कि 2015-16 में 3.7 करोड़ नये एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं इनमे अल्पसंख्यक तबके के लोग बड़ी संख्या हैं. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत दो वर्षो में लगभग 8000 गांवों में बिजली पहुंचाई गई है जिसमे 42 प्रतिशत गांव अल्पसंख्यकों की अच्छी खासी संख्या वाले हैं. साम्प्रदायिक हिंसा में 82 प्रतिशत की कमी आई है.

उन्होंने कहा, ”इससे साफ होता है कि अपने पिछले दो वर्षो के कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार ने बिना भेदभाव और साथ ही पूरी पारदर्शिता के साथ गांव, गरीब, किसान, अल्पसंख्यकों, युवाओं, कमजोर तबकों, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम किया है और आगे भी करती रहेगी.”

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