राधा और कृष्णा ने आपसे में विवाह क्यूँ नहीं किया

Feb 03, 2017
राधा और कृष्णा ने आपसे में विवाह क्यूँ नहीं किया

राधा और कृष्णा की प्रेम जोड़ी को कौन नहीं जानता . सब इस बात को बहूत अच्छे से जानते है की इन दोनों का प्यार कितना सच्चा था . इन दोनों की जोड़ी को तो दुनिया जानती है दोनों का प्यार बिलकुल ही अनोखा है . सबसे निराला है जिसे समझ पाना सायद सब के बस की बात नहीं है .

जहाँ कृष्णा के लिए गोकुल में सब गोपियाँ दीवानी थी . वहीँ कृष्णा किसी और के लिए दीवाना था . और वो थी मनमोहक सूरत वाली राधा रानी . जो बहूत ही खुबसूरत थी . जितने ही सुन्दर उनके बाल,आँख,हाथ अदि थे.उनकी सुन्दर काया थी . जो भी उन्हें देख ले बस देखता रह जाए ऐसी राधा रानी के दीवाने थे कृष्णा.

दोनों छुप छुप कर आपस में मिलते थे . राधा से कृष्णा ने पूछा की मैं कहाँ कहाँ हु ? तब राधा ने बिना समय लगाये जवाब दिया की तुम मेरे दिल में ,जान में,सांस में ,धड़कन में , आँखों में सब जगह हो. अब बारी थी राधा जी की उन्होंने कहा मैं कहाँ कहाँ हु ? तो कृष्णा ने बड़ा

लुभवना जवाब दिया और कहा तुम मेरे किस्मत में हो . एक बार राधा ने कृष्णा से पूछा ?दोस्त और प्यार में क्या फर्क होता है ? तब कृष्णा ने कहा की दोस्त हीरा और प्यार सोना होता है .सोना टूट कर दुबारा जुड़ जाएगा पर हीरा नहीं .इस तरह के बहूत से सवाल राधा जी कृष्णा से पूछा करती थी .

मगर इतना गहरा प्यार होने के बावजूद दोनों को अलग क्यूँ होना पड़ा . दोनों ने आपस में शादी क्यूँ नहीं की . क्यूँ एक दुसरे से जुदा और दूर होगये . क्यूँ वापसे मुड कर एक दुसरे को नहीं देखा ?इस तरह का सवाल राधा के मन में बहूत था . एक दिन कृष्णा जी के मिलने पर

उन्होंने इस बात को पूछा – एक बार राधा ने कृष्णा से पूछा :- अपने प्रेम मुझसे किया पर मुझसे शादी नहीं की .आपने शादी रूक्मणी से की ऐसा क्यूँ . तब कृष्णा ने हस कर कहा :शादी के लिए तो दो शरीर ,दो आत्मा और दो दिल चाहिए . पर हम दोनों तो एक दिल एक जान , एक आत्मा,एक शारीर है .फिर बताओ हम दोनों में राधा कृष्णा कौन है जब हम दोनों एक है . तो हम दोनों शादी कैसे कर सकते है . मैं दुनिया को दिखाना चाहता हु की हमारा प्यार नि स्वार्थ है .

हमारे प्यार का एक अलग अस्तित्व है जिसको किसी नीव की जरूरत नहीं वो अपने आप में बुलंद है . उसके लिए किसी शादी जैसे नाम की जरुरत नहीं है . की अगर हमने शादी की तो ही हम आपस में यार करते है . मुझे हमारे प्यार की पवित्रता के लिए शादी जैसे कोई ढोंग नहीं करना चाहता हु . राधा जी को इस बात पर गुस्सा आया :- तब कृष्णा ने कहा क्या तुम्हे पता है की गुस्सा क्या होता है राधा ने कोई जवाब नहीं दिया . और कृष्णा ने हस कर जवाब दिया की दूसरों की सजा खुद को देना इसका मतलब है गुस्सा . राधा जी हसने लगी और कहने लगी की मुझे फक्र है की हमारे प्यार को सच में किसी की जरुरत नहीं है . वो आने आप में ही अनोखा और सच्चा है .

इसलिए इसी कारण की वजह से राधा और कृष्णा ने आपस में शादी नहीं की . क्यूंकि वो दुनिया में बताना चाहते थे की हमारी शादी निस्वार्थ है . हमने किसी मतलब से एक दुसरे से प्रेम नहीं किया है . हम हमेसा एक दुसरे के लिए बने थे . और बने रहेने .

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>