आखिर क्यों फेसबुक कश्मीर व बुरहान वानी पर पोस्ट्स को ब्लॉक कर रहा है?

Jul 14, 2016

नई दिल्ली। क्या फेसबुक भारत में मोदी सरकार का एजेंडा लागू कर रहा है और कश्मीर व बुरहान वानी पर पोस्ट्स को ब्लॉक कर रहा है?

जी हाँ, फेसबुक के ऊपर ये आरोप लगाए जा रहे हैं, जो पाकिस्तानी मीडिया में भारत विरोधी प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
पहले भी यह ख़बरें आई थीं कि फेसबुक नरेंद्र मोदी और मोदी सरकार की आलोचना वाली पोस्ट्स को ब्लॉक करता है और सरकार की आलोचना करने वाले एकाउंट्स को बंद कर देता है। वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल का भी फेसबुक एकाउंट पूर्व में इसी तरह बंद किया गया था।

अब ट्विटर की एक उपयोगकर्ता हुमा डार ने आरोप लगाया है कि फेसबुक ने कश्मीर पर उनकी पोस्ट्स और चित्र के आधार पर बिना उन्हें बताए उनका एकाउंट बंद कर दिया। हुमा ने फेसबुक के नोटिस के स्क्रीन शॉट्स भी ट्विटर पर पोस्ट किए।

हुमा के ट्विटर अपडेटके आधार पर पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डेली पाकिस्तान ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

डेली पाकिस्तान ने

शीर्षक से खबर प्रकाशित की है।

उधर प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता व अधिवक्ता अरविन्दो घोष ने भी आरोप लगाया है कि फेसबुक ने उनकी पोस्ट ” I MOURN FOR BURHAN WANI ” बिना उन्हें सूचना दिए हर जगह से डिलीट कर दी। उन्होंने कहा कि फेसबुक का यह कृत्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है।

अरविन्दो घोष ने फेसबुक पर लिखा-

Aurobindo Ghose

On Sabbatical leave, I am surprised that the Facebook has taken down and dropped my post on ” I MOURN FOR BURHAN WANI ” from everywhere on Facebook, without my knowledge. It is also surprising that while Facebook allows thousands of posts showing the people of Kashmir mourning for Burhan Wani, they(Facebook) do not allow me to mourn for Burhan Wani. This is a violation of my freedom of expression. – Aurobindo Ghose

(Am on self-imposed sabbatical leave. But can’t resist the temptation to thank all my Friends for their overwhelming support.)

I have just retrieved my post on Burhan Wani, which has been censored by Facebook. Posting below. Please judge for yourself.

“”I MOURN FOR BURHAN WANI

Sad and Shocking ! Burhan Wani, the alleged young militant of Kashmir, was shot dead by the security forces near Srinagar on Friday. On the same day, the Supreme Court while hearing a PIL on the Armed Forces(Special Powers) Act, said :

“ordinarily our armed forces should not be used against our countrymen and women” and that “every person carrying a weapon in a disturbed area cannot be labelled a militant or terrorist or insurgent” and be killed without any inquiry. “

(Supreme Court Justices Madan B. Lokur and Uday U. Lalit on AFSPA on Friday July 8, 2016.)

This ‘encounter killing’ of Burhan Wani will be totally counter-productive and lead to further unrest and widespread militancy in the Valley.

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