जब दो मुस्लिम लड़कियों ने अपनी जान पर खेल कर भीड़ गई आतंकियों से, बचाई थी इसाईयों की जान

May 31, 2017
जब दो मुस्लिम लड़कियों ने अपनी जान पर खेल कर भीड़ गई आतंकियों से, बचाई थी इसाईयों की जान

मारवाई शहर में जब म्यूट समूह के आतंकवादियों के मंगलवार को स्थानीय लोगों हमला बोल दिया तो वहाँ के ईसाइयों को बचाने के लिए दो मुस्लिम महिलाएं आतंकवादियों से मोर्चा ले लिया। इस घटना के बाद राष्ट्रपति दुटेरते ने मिंडानाओ में मार्शल लॉ घोषित कर दिया। जब नाबालिक आतंकवादियों के समूह ने बासक मल्लतुल्त में बंदूक की दुकान में घुसपैठ की तो फरीदा ने उनका डटकर सामना किया।

आतंकवादियों के समूह के मुखिया ने बंदूकें और गोला-बारूद को दुकान में बंद करने का आदेश दिया और फरीदा से उनके कर्मचारियों के बारे में पूछा। फरीदा उन 13 पुरुष कर्मचारियों के बीच जाकर खड़ी हो गई जो लगभग 10 आतंकवादियों के बीच घिरे थे। फरीदा ने कहा, आपको पहले मुझे मारना होगा इससे पहले कि आप उन्हें छू भी सकें। क्रिसिस ने मारनाओ भाषा में बोलते हुए फरीदा का हवाला देते हुए कहा कि आतंकवादी नाबालिक थे। फरीदा जहाँ रहती है उसके पास मारवाई में दो बंदूक भंडार हैं, एक बसक मालुतलूट में और दूसरा बंगगुओ जिले में है, जिसे लूट लिया गया था। यहाँ 17 कर्मचारी काम करते है। जिनमें से अधिकांश में बास्क मैलट्लुत के परिसर में अपने परिवार के साथ रहते हैं उनमें से ज्यादातर फरीदा के साथ एक दशक से अधिक समय से काम कर रहे हैं।

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क्रिस ने बताया कि जब आतंकवादियों ने उन्हें छोड़ दिया तो फरीदा ने कर्मचारियों को अपने परिवारों को लाने के लिए कहा। और उन्हें 6 किलोमीटर दूर बैंगोन में एक रिश्तेदार के घर ले जाने के आदेश दिए। ज़ैनब के अनुसार यह खतरनाक था। मैंने इस खतरे के बारे में कभी नहीं सोचा था वे पहले ईसाइयों को नुकसान पहुंचा सकते हैं जबकि पहले हम मरने के लिए तैयार थे।

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