इन बातों का मनी ट्रांसफर करते समय, ज़रूर रखें ख्याल

Jan 28, 2017
इन बातों का मनी ट्रांसफर करते समय, ज़रूर रखें ख्याल

नेम बेनिफिट ही जोड़ते वक्त रहें अलर्ट
वैसे तो beneficiary का अकाउंट नंबर दो बार इसलिए टाइप करना पड़ता है ताकि मिस मैच होने पर गड़बड़ी का पता चल सके ।लेकिन अगर पहली बार आपने सावधानी से beneficiary का अकाउंट नंबर लिख लिया है तो दोबारा उसे टाइप करने की वजह उसे कॉपी पेस्ट कर दें ।

beneficiary का मोबाइल नंबर बैंक को देने के फैसले का भी मोबाइल नंबर beneficiary को जरूर दे। इसे बैंक आपको और पैसा जिस के अकाउंट में भेजा गया है या नहीं की ।

beneficiary मोबाइल पर ट्रांजैक्शन की सूचना देगा ।

ओपन लिंक  पीरियड में ना करें
पैसा ट्रांसफर अगर नए beneficiary को पैसे भेज रहे हैं तो उसका नाम की एंट्री करने के आधे घंटे बाद ही पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। इसे ओपन लिंक कहा जाता है ।

गलत ट्रांजैक्शन की सूचना तुरंत बैंक को दें। रिजर्व बैंक के नियम के अनुसार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में हुई गड़बड़ी के लिए ग्राहक खुद  जिम्मेवार है । इसलिए ऐसा मामलों में बैंक beneficiary के अकाउंट से पैसा रिकॉर्ड नहीं करते हैं ।फिर भी अगर किसी ने beneficiary जानकारी ट्रांजैक्शन के घंटे भर में बैंक को दें। तो कार्रवाई हो सकती है ।अगर पैसा भेजने वाले और जिस के अकाउंट में पैसा भेजे गए हैं दोनों का अकाउंट एक ही बैंक में है तो पैसे का वापस मिलना ज्यादा आसान हो जाता है वरना कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।

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