जब राम जन्भूमि को लेकर हिन्दुओ की आस्था पर संवैधानिक तौर पर सवाल नही उठाये जा सकते, तो तीन तलाक पर सवाल क्यों: कपिल सिब्बल

May 16, 2017
जब राम जन्भूमि को लेकर हिन्दुओ की आस्था पर संवैधानिक तौर पर सवाल नही उठाये जा सकते, तो तीन तलाक पर सवाल क्यों: कपिल सिब्बल

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक को लेकर सुनवाई लगातार जारी है। मंगलवार को आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड की तरफ से पैरवी कर रहे मशहूर वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बेहद ही अजीब दलीले कोर्ट के सामने रखी। कपिल सिब्बल ने तीन तलाक को राम जन्मभूमि से जोड़ते हुए कहा की जब अगर राम जन्मभूमि को लेकर हिन्दुओ की आस्था पर सवाल नहीं उठा सकते तो फिर तीन तलाक को लेकर सवाल क्यों उठाये जा रहे है।

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने तीन तलाक पर सुनवाई करते हुये मंगलवार को सिब्बल से पुछा की व्हस्ट्सएप और ईमेल के जरिये दिए जाने वाले तलाक को लेकर इस्लाम में क्या नज़रिये है। इस पर सिब्बल ने जवाब दिया की अगर यह माना जाये कि निकाह और तलाक दोनों कॉन्ट्रैक्ट है तो दूसरो को इससे क्या दिक्कत है। और वह भी तब जब इस प्रथा पर अमल पिछले 1400 साल से किया जा रहा हो।

तब आप इसे कैसे कह सकते है की यह असंवैधानिक है। कपिल सिब्बल ने दलील दी कि जैसे हिन्दुओ का मानना है की भगवान् राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और इस आस्था पर संवैधानिक तौर पर सवाल नही उठाये जा सकते, ठीक उसी तरह तीन तलाक मुस्लिमो के लिए विश्वास का मामला है जिस पर सवाल नही उठाये जाने चाहिए।

कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार के उस बयान पर आपत्ति जताई जिसमे कहा गया था की अगर सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक पर बैन लगा देती है तो केंद्र सरकार इसके लिए अलग से कानून लायेगी। सिब्बल ने कहा की अगर कोर्ट ने तलाक के सभी प्रारूपो पर प्रतिबंध लगा देती है और केंद्र सरकार इस पर कानून लेकर नही आई तब क्या होगा।

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