जब बर्दाश्त से बाहर हुआ नोटबंदी का दर्द तो चारपाई लगाकर महिलाओं ने किया हाईवे जाम

Nov 30, 2016
जब बर्दाश्त से बाहर हुआ नोटबंदी का दर्द तो चारपाई लगाकर महिलाओं ने किया हाईवे जाम

गुरुग्राम से सोहना होकर अलवर जाने वाली सड़क पर एक छोटे से गांव रेवासन के सिंडिकेट बैंक पर सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक इंतजार के बाद भी पैसे नहीं मिले तो लाइन में लगी महिलाएं भड़क गईं। गांव रेवासन निवासी हमीदन का सवाल है कि सुबह से लाइन में लगे चार घंटे के बाद बैंकवाले बोल रहे हैं कैश खत्म हो गया घर जाओ। पिछले पांच दिन से यही हो रहा है। हम करें तो क्या करें। इस सवाल का जवाब न तो बैंक कर्मचारी के पास है और ना ही पुलिसकर्मी के पास। कैश खत्म हो जाने के बाद बैंक कर्मियों को खरी खोटी सुनाई और हाईवे पर चारपाई बिछाकर बैठ गईं।

महिलाओं ने कहा, ‘हमें सरकार से कोई शिकायत नहीं बस जो हमारे पैसे बैंक में हैं, उसे दिलवा दो, लेकिन यह मांग इतनी आसानी से पूरी होती नहीं दिख रही। किसानों ने कहा कि हमारी तो कोई सुनने वाला नहीं। सरसों और गेहूं में पानी देने के लिए डीजल का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। ये हमारा काम का समय था जिसे मजबूरी में बरबाद कर रहे हैं। बैंकों की लाइन में खूब धक्के खाए पर पैसे नहीं मिले। ये सारी परेशानी उस वक़्त से है। जब से 500 और 1000 के नोट चलने बंद हो गए है।

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