यूपी विधानसभा चुनाव : बीजेपी का प्लान SMS आखिर है क्या?

Jul 14, 2016

शायद आप एसएमएस का मतलब शॉर्ट मैसेज सर्विसेज से निकाल रहे हों। लेकिन ये इसके बिलकुल इतर है। हां उद्देश्य है ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाना वो भी ”सोशल मीडिया स्ट्रैटजी” के जरिए। जैसा कि बीते दिनों उत्तर प्रदेश भाजपा ने सोशल मीडिया के जरिए रणनीति तैयार करने के लिए एक कार्यशाला का भी आयोजन किया था।

सोशल फॉर्मूले के जरिए तलाशा जा रहा फायदा

यूपी में अगले छह-सात महीनों के भीतर होने वाले चुनावों के मद्देनजर लगभग सभी दल तैयारियों में जुटे हुए हैं। लेकिन भाजपा लोकसभा के दौरान अपने हिट रहे सोशल फॉर्मूले के जरिए फिर से फायदा तलाश रही है।

बीजेपी आईटी सेल में शामिल करीबन चालीस से पचास लोग दिन-रात इस हद तक मेहनत करने में जुटे हैं कि मानिए चुनाव कल हों। क्योंकि माना जाता है कि आईटी सेल की तैयारियां कुछ इस तर्ज पर होती हैं जैसे कि चुनाव आज ही होने हैं।

4 से 5 करोड़ यूपीवासी हैं ‘टारगेट’

भाजपा चाहती है कि वो जल्द से जल्द यूपी में करीबन 4 से 5 करोड़ वोटरों तक अपनी बात पहुंचा दे। जिसके तहत बीजेपी अपनी बात पहुंचानेे के साथ ही सूबे में मौजूद सपा सरकार की तमाम असफल योजनाओं को जनता तक पहुंचाकर खुद को बेहतर बताने हुए प्रयासरत है। इसके लिए लखनऊ के पार्टी कार्यालय में एक बेहद हाईटेक सेल बनाया है। जानकारी के मुताबिक इस टीम ने लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद से ही यूपी का डेटा कंपाइल करना शुरू कर दिया है।

अमित शाह पहले ही कर चुके हैं ऐलान!

उत्तर प्रदेश में चुनावों की तैयारियों में जुटी भाजपा अपने छोटे और बड़े नेताओं को सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की हिदायत पहले ही दे चुकी है। पार्टी ने तय किया था कि विधायकों के लिए 25 हजार और सांसदों के लिए 50 हजार लाइक्स अनिवार्य हैं।

इस पर जोर देते हुए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि जब टिकट बांटे जाएंगे तो नेताओं की सोशल मीडिया की छवि को विशेष रूप से तवज्जो दी जाएगी। बावजूद इसके अभी तमाम वरिष्ठ लोगों के ही एफबी पर पेज तक नहीं बने हैं।

ऐसे में यदि कुछ लोग जो अभी तक एक्टिव नहीं है वे टिकट के वक्त इनऑर्गेनिक यानि की पेड करके भी लाइक्स की संख्या जुटा सकते हैं। जिस पर भाजपा की क्या तैयारी है ये तो वो खुद ही बता सकते हैं।

लाइक्स पर वन इंडिया की एक रिपोर्ट

जैसा कि मानक तय किया गया है उस लिहाज से यूपी विधानसभा चुनावों को अब ज्यादा वक्त शेष नहीं रह गया। लेकिन जो लोग खुद को प्रत्याशी के तौर पर देख रहे हैं उनके पेज के लाइक्स आदि पर वन इंडिया ने निगहबानी की।

सतीश महाना, विधायक, बीजेपी

कानपुर के अंतर्गत आने वाली महाराजपुर विधानसभा से विधायक सतीश महाना के पेज पर वन इंडिया की इस रिपोर्ट को लिखते समय लाइक्स की संख्या 4,302 थी। जबकि दूसरे पेज जो कि सतीश महाना के नाम पर ही बनाए गए हैं उन पर लाइक्स की संख्या करीबन 1400 थी। जो कि 25 हजार के आंकड़े की एक चौथाई भी नहीं है। पर, उन्हें टिकट का प्रबल दावेदार माना जाता है।

https://www.facebook.com/SatishMahanaMLA

पंकज गुप्ता, विधायक, बीजेपी

उन्नाव जिले के सदर क्षेत्र से विधायक पंकज गुप्ता के फेसबुक पेज पर अब तक सिर्फ 43 लाइक्स हैं। लेकिन छवि बेहतर होने की वजह से पंकज को टिकट का दावेदार माना जा रहा है।

https://www.facebook.com/Pankaj-Gupta-Mla-Unnao-Bjp-1596328724019125/

रामबाबू द्विवेदी, प्रदेश प्रवक्ता (भाजपा किसान मोर्चा)

रामनगर से प्रत्याशी के तौर पर देखे जा रहे प्रवक्ता रामबाबू के फेसबुक पेज पर रिपोर्ट लिखते वक्त 9,425 लाइक्स हैं। वहीं अन्य कई पेज भी रामबाबू द्विवेदी के नाम से उनके समर्थक चला रहे हैं जिन पर करीबन 1000 लाइक्स हैं, जिसे देखते हुए माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया को देखते हुए इन पर दांव लगा सकती है।
https://www.facebook.com/rambabu.dwivedi/

रामनरेश रावत, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष

बछरांवा से भाजपा कैंडीडेट के तौर पर लोगों में छाए हुए रामनरेश रावत के फेसबुक पेज पर लाइक्स की संख्या रिपोर्ट लिखते समय महज 810 थी। हालांकि रामनरेश रावत कई बड़े पदों पर भाजपा को अपनी सेवाएं देते रहे हैं। जिसकी वजह से यह तय माना जा रहा है कि उन्हें टिकट मिलने में कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी।
https://www.facebook.com/Ram-Naresh-Rawat-1428965817337169/

बहरहाल कुछ ऐसे भी भाजपा नेता हैं जो खुद को प्रत्याशी के तौर पर देख रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया पर सक्रियता रामभरोसे टिकी हुई है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाकई अमित शाह सोशल मीडिया पर एक्टिव लोगों को तरजीह देंगे या फिर ये सोशल मीडिया पर एक्टिव होने की हिदायत महज हवाबाजी बनकर ही रह जाएगी।

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