रोते हुए पिता बोला, बच्चों का जीवन बर्बाद हो रहा कलेक्टर साहब

Jul 13, 2016

अशोकनगर. अपने नि:शक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए कई साल से चक्कर काट रहा हूं। करवा देंगे कह कर हर बार भगा देते हैं। मेरे बच्चे पढ़ भी नहीं पा रहे हैं। इन लोगों ने उनका जीवन बर्बाद कर दिया। यह बात जनसुनवाई में रोते हुए हंसराज यादव ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाते हुए कही।

मुंगावली तहसील के ग्राम जमनिया निवासी हंसराज यादव का कहना है कि वे कई सालों से बच्चों को सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में प्रवेश दिलवाने के लिए भटक रहे हैं। गीता मिश्रा जब जिले के कलेक्टर थीं, तब से वह अपनी गुहार लेकर आ रहा है। जन सुनवाई में भी कई आवेदन दे चुके हैं, लेकिन बच्चों का प्रवेश नहीं मिला। धीरे-धीरे बच्चे बड़े होते जा रहे हैं। छात्रावास में प्रवेश न मिलने से वे पढ़ नहीं पा रहे हैं और उनका जीवन बर्बाद हो रहा है। अभी भी चार दिन से यहा पड़ा हूं, रोज छात्रावास जाता हूं, लेकिन बस ये कह देते हैं कि कर देंगे। इतना कहते हुए उनकी आवाज भर्रा गई और आंखों से आसुंओं की धार बह निकली।

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उन्होंने बताया कि सोचा था कि बच्चों को छात्रावास में भर्ती कर दूंगा तो कुछ सीखेंगे और शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनके सपने को चूर कर दिया। गरीब और मजबूर पिता की व्यथा सुनकर कलेक्टर ने तुरंत बच्चे का एडमिशन छात्रावास में करवाने के निर्देश देते हुए, प्रवेश न मिलने पर संबंधित को सस्पेंड कर देने की चेतावनी दी। इसके बाद एपीसी फैजानुद्दीन हंसराज व उनके दोनों बच्चों को लेकर छात्रावास पहुंचे और उनका एडमिशन करवाया।

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