मौसम भी डालते हैं सिरदर्द पर असर

Apr 15, 2016

मौसम के बदलने पर कई लोगों को सिरदर्द की शिकायत होने लगती है। जैसे ठंड से गर्मी आने पर, गर्मी से बारिश या फिर ऐसे ही एक से दूसरे मौसम का बदलना सिरदर्द का कारण बनता है, यह मौसमी सिरदर्द के लक्षण होते हैं। मौसम के साथ-साथ सिरदर्द का प्रकार भी अलग-अलग होता है। मौसम के अनुसार होने वाला सबसे सामान्य सिरदर्द क्लस्टर हेडएक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सिररदर्द की समस्या कई बार मौसम पर भी निर्भर करती है और क्लस्टर सिरदर्द मौसम के बदलने पर होने वाला सबसे सामान्य प्रकार का सिरदर्द है। वैसे माइग्रेन की समस्या भी मौसमी मानी जाती है। इससे पीड़ित कई रोगी यह कहते हैं कि मौसम बदलने पर उनके नींद का पैटर्न प्रभावित होता है, जिससे सिरदर्द की समस्या और भी बढ़ जाती है।

क्या वजह है मौसमी सिरदर्द का

विशेषज्ञों का मानना है कि मस्तिष्क में स्थित इंटरल क्लॉक सार्कडियन रिदम को नियंत्रित करते हैं। हमारा इंटरनल क्लॉक दिन में होने वाली रोशनी के प्रति संवेदनशील होता और यह हमारी नींद के साइकल को नियंत्रित करने में मदद करता है। नींद के इस साइकल के बिगड़ने या बदलने से मौसमी सिरदर्द होने की आशंका बढ़ जाती है।

क्लस्टर हेडएक सिरदर्द की काफी गंभीर समस्या होती है जोकि इंटरनल क्लॉक के बदलने पर ट्रिगर होती है। कई लोग दिन की इस रोशनी के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं जोकि किसी रोगी को इस तरह से प्रभावित करते हैं कि उनके सिरदर्द का दिन भी समान होने लगता है।

गर्मी के मौसम में सिरदर्द की शिकायत माइग्रेन के रूप में बढ़ जाती है। क्योंकि माइग्रेन के मरीज गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं। एलर्जी से होने वाला मौसम पतझड़ का हो सकता है, जिसमें पेड़, घास आदि झड़ जाते हैं और हवाओं में धूल उड़ती रहती है।

मौसमी क्लस्टर सिरदर्द के ये होते हैं लक्षण

आंखों के पीछे या आस-पास दर्द होना : यह दर्द माइग्रेन से भी कहीं अधिक पीड़ादायक होता है।
दर्द की अवधि: आपका सिरदर्द दिन में कई बार कुछ हफ्तों या महीनों के लिए हो सकता है, जिसे क्लस्टर पीरियड कहते हैं।
हर साल एक ही समय पर दर्द का होना : हर साल सिरदर्द समान महीने में उसी खास समय पर होते हैं
समय भी होता है एक ही : दोपहर 1-2, 1-3 और रात को 9 बजे सिरदर्द होने की आशंका अधिक रहती है, वैसे सिरदर्द किसी भी वक्त हो सकता है।
इस तरह कर सकते हैं मौसमी सिरदर्द को मैनेज

अपने सिरदर्द को एक डायरी में नोट करते जाएं। इससे आपको इस बात का पता चल पाएगा कि आपका सिरदर्द मौसमी है या नहीं और इससे बचने में मदद मिलेगी।
आपके सिरदर्द का जो भी मौसम है उस दौरान इसके ट्रिगर से बचने की कोशिश करे। इसमें भोजन, तनाव, धूम्रपान, शराब, नींद पूरी न होना जैसे ट्रिगर शामिल हैं।
एलर्जी के प्रकार के अनुसार घर के बाहर की गतिविधियों पर रोक लगा दें। धूल और फफूंद आदि के संपर्क में आने से बचने की कोशिश करें।

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