खुदकुशी या कुछ और: बुरी आत्‍माएं तो नहीं बनी गौरव तिवारी की मौत का कारण?

Jul 12, 2016

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। जो जिंदगी से ज्‍यादा के बारे में जानने का दावा करता था। जो मौत के बाद की सच्‍चाई से पर्दा उठाता था, आज उसी की मौत रहस्‍य के पर्दे में है। जी हां हम बात कर रहे हैं मशहूर पैरानार्मल इन्वेस्टिगेटर गौरव तिवारी की जिसकी मौत बीते 7 जुलाई को रहस्‍यमय परिस्थितियों में हो गई। गौरव तिवारी की मौत अभी तक एक पहेली बनी हुई है। देश और दुनिया के करीब छह हजार हॉन्टेड लोकेशन की जांच करने वाले गौरव की लाश सात जुलाई को दिल्ली के द्वारका इलाके में उसी के फ्लैट में पाई गई।

वो अपने ही घर के बाथरूम में फर्श पर पड़ा था। उसके गले पर काले रंग के गहरे निशान मिले हैं। ये निशान कुछ-कुछ वैसे ही हैं जैसे अमूमन गले में फंदा कसने पर होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गौरव ने खुदकुशी की? क्या उसका कत्ल किया गया? क्या उसका काम उसकी मौत की वजह बनी? क्या उसके अदृश्य मेहमान ही उसके दुश्मन बन बैठे? क्या निगेटिव सोच हावी हो गई थी? वहीं सूत्रों की मानें तो पुलिस को बाथरूम से एक दुपट्टा मिला है।

हो सकता है कि गौरव ने वहां फांसी लगा ली हो। वहीं पुलिस का कहना है कि किसी भी पॉसिबिलिटी से इनकार नहीं किया जा सकता। ये भी माना जा रहा है कि किसी एक्सपेरिमेंट के दौरान ही गौरव की मौत हो गई हो। पुलिस का कहना है कि अब तो पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की तस्‍वीर साफ हो सकेगी।

मौत से पहले गौरव ने क्‍या कहा था?

गौरव की मौत के बाद पूछताछ के दौरान गौरव की बीवी ने पुलिस को एक अजीब बात बताई। उसने कहा कि उसने मरने से कुछ दिन पहले कहा था कि उसे कुछ निगेटिव ताकतें मरने के लिए मजबूर कर रही हैं। बीवी को तब लगा कि ज्यादा काम की वजह से वो डिप्रेशन में है।

खुदकुशी नहीं कर सकता गौरव

गौरव को ना तो कोई माली तंगी थी और ना ही किसी तरह की परेशानी। हाल ही में शादी की और खुश भी था। कोई बीमारी भी नहीं थी। मौत से एक दिन पहले की आखिरी रात भी वो अपने काम पर लगा था। दिल्ली के एक और हॉन्टेड प्लेस की जांच कर रहा था। यहां तक कि मरने से बस मिनट भर पहले तक भी बिल्कुल ठीक था। गौरव के घर वाले यह कह रहे हैं कि वह कभी खुदकुशी नहीं कर सकता था। क्योंकि उसके पास मरने की कोई वजह ही नहीं थी।

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