कब्रिस्तान में खेल कर की थी ‘मोहम्मद शमी’ ने क्रिकेट की शुरुआत

Sep 06, 2016
कब्रिस्तान में खेल कर की थी ‘मोहम्मद शमी’ ने क्रिकेट की शुरुआत
मोहम्मद शमी टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी आक्रमण के खास हथियार हैं। आज उन्होंने अपने जीवन के 26 साल पूरे कर लिए और 27वें बसंत में प्रवेश कर लिया है। शमी आज बड़े खिलाड़ी बन गए हैं लेकिन कभी उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत कब्रिस्तान में खेल कर की थी।
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी रहने वाले उत्तर प्रदेश के हैं लेकिन बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते हुए टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई, फिर पहचान। लेकिन उनके करियर की खास बात यह है कि उन्होंने क्रबिस्तान पर खेलते हुए अपने खेल को निखारा और आगे बढ़े।
यूपी के अमरोहा में जन्में मोहम्मद शमी के पिता तौसीफ अहमद भी क्रिकेट के बड़े दीवाने हैं। अपने बेटे की तरह वह भी तेज गेंदबाज रहे हैं लेकिन वह सिर्फ अपने गांव की क्रिकेट टीम के लिए ही खेल सके और आगे नहीं जा पाए।
खास बात यह है उनके परिवार में 3 भाई हैं जो खुद तेज गेंदबाज बनना चाहते थे। इन तीनों के अलावा एक बहन भी है।2005 में मोहम्मद शमी जब 15 साल के थे तब पिता तौसीफ अहमद ने उनकी प्रतिभा को पहचाना, फिर उसे और तराशने के लिए मुरादाबाद जो उनके गांव से 22 किमी दूर है ले गए। वहां उन्होंने क्रिकेट कोच बदरुद्दीन सिद्दकी के पास शमी को और तैयार करने के लिए छोड़ दिया।
इस बीच वह उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में जगह नहीं बना पाए तो कोच 2005 के अंत में कोलकाता ले गए। फिर इसके बाद उन्होंने छोटे-छोटे क्लब के लिए खेलते हुए बंगाल की टीम में जगह बना ली।होश संभालते ही क्रिकेट की गेंद थामने वाले शमी ने क्रिकेट का ककहरा कब्रिस्तान पर खेलते हुए सीखा जो उनके गांव के पास बना हुआ है। इस कब्रिस्तान पर आज भी क्रिकेट खेला जाता है।
अभ्यास के लिए मोहम्मद शमी ने इसी कब्रिस्तान पर सीमेंट की पिच बनवाई और उसी पर तेज गेंदबाजी करके टीम इंडिया में जगह बनाई।मोहम्मद शमी की सफलता के बाद उनके अमरोहा में क्रिकेट काफी लोकप्रिय हो गया है। यहां के बच्‍चों की रग-रग में क्रिकेट बस गया है।
दिल्ली से करीब 130 किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 से करीब तीन किलोमीटर दूर है शमी का गांव सहसपुर अलीनगर। शमी ने इस मुस्लिम बहुल गांव को नई पहचान दी। मोहम्मद शमी के करियर की खास बात यह है कि उन्हें अपने करियर की शुरुआत 2013 में पाकिस्तान जैसी चिर-प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ करने को मिला और इसी वनडे मैच में 4 ओवर मेडन डालकर तहलका मचा दिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शमी 153 विकेट (58 टेस्ट, 87 वनडे और 8 टी-20) झटक चुके हैं। पहले धोनी और अब विराट कोहली की कप्तानी में टेस्ट में उन्हें टीम के आक्रमण के मुख्य हथियार के रूप में गिना जाता है। उन्हें रिवर्स स्विंग का विशेषज्ञ माना जाता है।
मोहम्मद शमी ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में कमाल कर दिया था। नवंबर, 2013 में टीम इंडिया के लिए पहला टेस्ट मैच खेला वेस्टइंडीज के खिलाफ। यह सीरीज शमी के लिए जहां पहली टेस्ट सीरीज थी तो सचिन तेंदुलकर की अंतिम टेस्ट सीरीज। शमी ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में 5 विकेट झटककर शानदार शुरुआत की थी।
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