जीना चाहता है अंश, सीएम अखिलेश ने सुनी फरियाद पर पीएम का अब तक कोई जवाब नहीं

Jun 30, 2016

11 साल की नन्हीं उम्र में यूपी के आगरा शहर में रहने वाला अंश उप्रेती लोगों से अपनी जिंदगी संवरने की दुआ या दरख्वास्त नहीं बल्कि अपनी जिंदगी जीने की भीख मांग रहा है। क्योंकि वह इस नन्हीं उम्र में पिछले तीन साल से कैंसर जैसी घातक बीमारी के जद में है। लिखने-पढ़ने औऱ हंसने-खेलने की उम्र में वह जीने की राह तलाश रहा है। लाचार माँ-बाप जब अपने लाड़ले का इलाज करते-करते थक हार गए तो रोने औऱ आखिरी जो उऩकी उम्मीद बने उसका इंतजार करने में अपना समय बीता रहे है। अंश ने अपनी जिंदगी का एक भी हिस्सा सही ने नहीं जिया,हंसते-खेलते जब स्कूल की दहलीज़ पर जाने को हुआ तो इस बीमारी से रात-दिन जूझने के लिए तैयार हो गया। अपने माता-पिता को रोते बिलखते देख इस बीमारी के खौंफ को महसूस किया। अपने माँ-बाप की लाचारी औऱ बेबसी देखकर इस भयकंर बीमारी से लड़ने की उम्मीद खोता होगा। अंश रात-दिन लड़ रहा है,जूझ रहा है कैंसर से उसके माता-पिता अपनी जमा-पूंजी खर्च कर अपने लाड़ले की जिंदगी के लिए भीख औऱ दुआ अपनी झोली में समेट रहे हैं।

कुदरत ने अंश के हिस्से में उसे कितनी जिंदगी दी है। उसे कितना जीना है औऱ उसे रोजाना अपने से दूर जाते सोच उसके माता-पिता के हिस्से में पल-पल मरना कुछ कहा नहीं जा सकता। अंश ने अपनी जिंदगी की फरियाद यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव औऱ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़ी उम्मीद से ख़त लिखकर लगाई है।

अंश ने कहा,वो सबकी सुनते है मेरी भी जरूर सुनेंगे !

पीएम अंकल औऱ सीएम अंकल मदद करें !

बचपनें की लड़खड़ाती जुबां में अंश अपने ख़त को पढ़कर सुनाता है। उसे उम्मीद है सीएम अखिलेश औऱ पीएम मोदी उसकी मदद करेंगे। उसके लिए उसकी आस बनकर पहुचेंगे। सोशल मीडिया से तमाम जगह अंश की बात जैसे-जैसे लोगों तक पहुंची। सीएम अखिलेश यादव ने अंश की फरियाद सुनी। मिलने तो नहीं आए पर जिले के आलां अफसरों से मदद का पूरा भरोसा दिलाया। पर अंश को एक बड़ी उम्मीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी है जिनका कोई भी जवाब अंश तक नहीं आया है। अंश अपनी जिंदगी जीना चाहता है औऱ बड़े होकर भी कैंसर के पीड़ितों की मदद करना चाहता है।

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