व्यापम में गड़बड़ी के सिर्फ 1378 मामले : शिवराज

Mar 03, 2017
व्यापम में गड़बड़ी के सिर्फ 1378 मामले : शिवराज

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि व्यापम द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी के सिर्फ 1378 मामले सामने आए हैं, जो कुल भर्ती व प्रवेश की संख्या के मुकाबले बहुत कम हैं। उन्होंने कहा कि व्यापम की जांच उनकी प्रामाणिकता की प्रतीक है। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के चर्चा का जवाब देने के क्रम में मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का सीधा जवाब न देते हुए अतीत को याद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में भर्तियां और नियुक्तियां कैसे होती थीं, यह किसी से छुपा नहीं है, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का उनकी सरकार ने प्रयास किया है, इसके लिए कई कदम उठाए हैं। व्यापम में गड़बड़ी को उनकी ही सरकार ने पकड़ा और आरोपियों पर कार्रवाई हुई।

चौहान ने कहा, “मुझ पर कांग्रेस द्वारा व्यापम को लेकर आरोप लगाए जाते हैं, एक शहर के लोगों की भर्ती की बात की जाती है, यह साबित हो जाए तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा। व्यापम के जरिए साढ़े तीन लाख से ज्यादा भर्तियों और प्रवेश की परीक्षाओं में सिर्फ 1378 ही गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पचास सालों के शासन के कारण मध्यप्रदेश बीमारू बना रहा। वर्तमान भाजपा सरकार ने सघन प्रयासों से इसे प्रगतिशील राज्य बनाया। उन्होंने 2003-04 में प्रदेश के विकास की स्थिति और वर्तमान विकास परिदृश्य के तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने आमूलचूल परिवर्तन लाया है।

उनका आशय यह था कि विपक्ष विकास को देखे, भ्रष्टाचार की बात न करे। गोया, आमूलचूल परिवर्तन लाने वाले के लिए भ्रष्टाचार माफ हो!

मुख्यमंत्री ने अवैध रेत खनन रोकने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अवैध खनन में संलग्न वाहनों को राजसात करने का नियम बनाया जा रहा है। अवैध खनन करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। इसे रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेत की खदानें आवंटित करने के लिए ई-ऑक्शनिंग की व्यवस्था लागू की गई है। एक बार फिर अतीत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय आदिवासी भाइयों के नाम पर खदानें आवंटित कर अवैध खनन हो रहा था।

नर्मदा सेवा यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा को प्रवाहमान रखने के लिए इसके दोनों तटों के किनारे एक किलोमीटर की परिधि में पोधरोपण किया जाएगा। इसके तटों पर एक अप्रैल के बाद शराब की कोई दुकान नहीं खुलेगी। सीवेज का पानी नर्मदा में मिलने से रोकने के लिए सीवेज उपचार संयंत्र लगाए जाएंगे।

विपक्ष द्वारा अभिभाषण के संबंध में उठाए गए बिंदुओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासन में और भाजपा के शासन में जमीन-आसमान का अंतर है। कांग्रेस के समय जो बजट था, उसका आकार बढ़कर आठ गुणा ज्यादा हो गया है। कुपोषण कम करने के प्रयास जारी है, पहले से हालत बेहतर हुई है। मातृ व शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने सड़कों की स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय सड़कें नहीं, सिर्फ गड्ढे थे। आज सभी गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। बिजली की स्थिति बदली है। कांग्रेस के समय 29 सौ मेगावाट बिजली थी। आज 17 हजार मेगावाट की उपलब्धता है।

मुख्यमंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में सिंचाई योजनाएं पूरी नहीं हुई थीं। अब सिंचाई का रोडमैप बनाया गया है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने में सहायता मिलेगी। आज 40 लाख हेक्टेयर में सिंचाई हो रही है।

किसान कल्याण के संबंध में चौहान ने कहा कि कांग्रेस के शासन में किसानों को बीमा की राशि नहीं के बराबर मिलती थी। भाजपा सरकार ने चार हजार 400 करोड़ रुपये बांटे और फसल खराब होने के बाद राहत भी उपलब्ध कराई, जो देश में सबसे ज्यादा है।

चौहान ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय जयंती वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। एक करोड़ 15 लाख गरीब परिवारों को एक रुपये किलो गेहूं, चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। जो लोग गरीब नहीं हैं उनके नाम गरीबी रेखा की सूची से काटे गए हैं।

उन्होंने कहा कि गरीबों को आवास के लिए इसी बजट सत्र में जमीन देने का कानून लाया जाएगा। उन्हें घर बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना से मदद दी जाएगी।

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