सीरिया में पांच वर्षों से हो रहे हिंसक संघर्ष में देश को 200 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान:असद

Mar 31, 2016

राष्ट्रपति बशर-अल-असद ने एक साक्षात्कार में कहा कि सीरिया में पिछले पांच वर्षों से चल रहे हिंसक संघर्ष में देश को 200 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है.

उन्होंने जोर दिया कि देश को फिर से खड़ा करने के लिए दमिश्क रूस, चीन और ईरान की मदद चाहेगा. रूसी संवाद समिति ‘आरआईए नोवोस्ती’ से असद ने कहा, ”आर्थिक नुकसान और ढांचागत सुविधाओं को हुए नुकसान को मिलाकर यह 200 अरब डॉलर से ज्यादा है.”

रूसी भाषा में अनुवादित एक टिप्पणी में राष्ट्रपति ने कहा, ”सीरिया में स्थिति सामान्य होती है तो आर्थिक मुद्दों से तुरंत निपटा जा सकता है, लेकिन ढांचागत सुविधाओं के पुन:निर्माण में लंबा समय लगेगा.”

उन्होंने कहा कि इस हिंसक संघर्ष के दौरान दमिश्क का साथ देने वाले देशों को ही भविष्य में सीरिया में होने वाले पुन:निर्माण कार्यों के ठेके दिए जाएंगे.

असद ने कहा, ”हम आशा करते हैं कि यह प्रक्रिया तीन मुख्य देशों पर आधारित होगी जिन्होंने संकट के दौर में सीरिया का समर्थन किया.. रूस, चीन और ईरान.”

रूस ने अपने पुराने सहयोगी की मदद के लिए सीरिया में अपनी सेना तैनात की और बमबारी में भी हिस्सा लिया. असद ने कहा कि देश में आने वाले समय में भी कुछ वक्त के लिए मास्को की सेना की जरूरत रहेगी.

उन्होंने कहा, ”सीरिया में सुरक्षा स्थिति में स्थिरता आने के बावूजद हमें उनकी मौजूदगी की जरूरत है क्योंकि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वे प्रभावी हैं.” उन्होंने कहा कि ”दुनिया में सुतंलन” कायम रखने के लिए भी रूसी अड्डों (सैन्य बेस) का होना जरूरी है.

संघर्षविराम के साथ दमिश्क और उदारवादी विपक्ष के बीच युद्ध रूकने के बाद रूस ने 14 मार्च से अपनी सेना को सीरिया से हटाने की घोषणा की. हालांकि रूस ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) के जिहादियों के खिलाफ हवाई हमले जारी रखे और सप्ताहांत पर असद की सेना को प्रचीन शहर पालमीरा पर फिर से नियंत्रण करने में मदद की.

बशर-अल-असद ने कहा कि उनके देश में बनने वाली संक्रमण काल की सरकार में सत्ताधारी और विपक्ष दोनों ही शामिल होने चाहिए. उन्होंने कहा कि ”स्वतंत्र बलों, विपक्षी बलों और सरकार के प्रति वफादार बलों का वहां प्रतिनिधित्व के लिए होना तर्कपूर्ण है.”

साक्षात्कार में असद ने अपने भविष्य के बारे में कुछ नहीं कहा. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि संक्रमण काल की सरकार के संबंध में फैसला स्विट्जरलैंड में बातचीत के आधार पर होना चाहिए.

उन्होंने कहा, ”कई सवाल हैं जिनपर जिनीवा में चर्चा होनी है, लेकिन वे कठिन सवाल नहीं हैं.” उन्होंने कहा, ”मैं उन्हें मुश्किल नहीं मानता, उन सभी को हल किया जा सकता है.”

 

 

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