वीडियो -यूपी में पुलिस की दरिंदगी, दलित छात्र को पीट पीट कर मार डाला, चौकी निलंबित

May 11, 2016

इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा शहर मे कोतवाली इलाके में एक दलित छात्र पर चोरी का आरोप लगाकर पुलिस ने उसे पीट-पीट कर मार डाला। करीब पांच घंटे बाद लाठी-डंडों से लैस गुस्साए लोगों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बड़ी मुश्किल से तब जाने दिया, जब एसएसपी मंजिल सैनी ने मृतक रवींद्र के परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाते हुए हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ पुलिस चौकी में पदस्थापित सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

इटावा की एसएसपी मंजिल सैनी ने लोगों के आक्रोश को देखते हुए तकिया चौकी प्रभारी योगेंद्र शर्मा समेत सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। मार डाले गए दलित युवक रवींद्र पासी की मां कुसमा देवी के आवेदन पर तकिया चौकी प्रभारी योगेंद्र शर्मा, सिपाही रोहित चौधरी के खिलाफ धारा 302,452,323,504,427, एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में 4 अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है।

इटावा की एसएसपी मंजिल सैनी ने आज यहां बताया कि मौत के शिकार हुए युवक रवींद्र पासी (18 वर्ष) की मां कुसमा देवी के आवेदन के आधार पर तकिया चौकी प्रभारी योगेंद्र शर्मा और सिपाही रोहित चौधरी के खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा तकिया चौकी प्रभारी योगेंद्र शर्मा समेत पूरी चौकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह को सौंपी गई है। एसएसपी ने बताया कि रवींद्र के परिजनों को आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए प्रावधानों के तहत रिर्पोट भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि रवींद्र के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरो के पैनल से कराया जा रहा है। साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है।

परिजनों के मुताबिक 4 मई की रात 10 बजे के आसपास रवींद्र शौच के लिए घर से निकला था। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने रविंद्र पासी को बुरी तरह से पीटने के बाद मरणासन्न हालात में उसे घर के बाहर फेंक दिया। इसके बाद से लगातार उसके परिजन निजी अस्पताल में उपचार कराने में लगे हुए थे लेकिन कल रात रवींद्र मौत हो गई।

इसके बाद आज सुबह सैकडों लोगों ने नगर पालिका चौराहे पर शव रख दिया और दोषी पुलिसजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग शुरू कर दी। पहले तो पुलिस ने पीड़ित पक्ष को मनाने की कोशिश की पर आक्रोश बढ़ता देख मुकदमा दर्ज किया और फिर निलबंन की कार्यवाही करने का एलान किया गया। तब जाकर पीड़ित पक्ष ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया। रवींद्र कक्षा 12वीं का छात्र था लेकिन एक निजी क्लीनिक पर कंपाउंडर के तौर पर काम भी करता था।

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