वढ़ियारा चमार समाज द्वारा जाति प्रमाणपत्र के लिए मंत्रीजी को ज्ञापन

Sep 12, 2016
वढ़ियारा चमार समाज द्वारा जाति प्रमाणपत्र के लिए मंत्रीजी को ज्ञापन

सामजिक संस्था ‘परम पूज्य शिरोमणि श्री रोहिदासवंशी वढ़ियारा चमार समाज’ के अध्यक्ष मावजीभाई बी कतपरा द्वारा गुजराती वढ़ियारा चमार समाज को जाति प्रमाणपत्र को लेकर आनेवाली तकलीफों से अवगत कराने हेतु सामजिक न्याय व विशेष सहाय्य मंत्री श्री राजकुमार बड़ोले को ज्ञापन भेजा गया,जोकि संस्था के लोगों द्वारा मंत्रीजी को मंत्रालय में दिया गया। जिसमे कहा गया है कि जाति प्रमाणपत्र को लेकर जो नियम १० अगस्त १९५० का है, वह रद्द किया जाय क्योंकि १९५० में महाराष्ट्र राज्य अस्तित्व में नहीं था और १ मई १०६० में महाराष्ट्र राज्य बना और उस समय के नियम की वजह से जाति प्रमाणपत्र मिलने में समाज को काफी दिक्कत होती है।

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इस अवसर पर संस्था के सह-सचिव आलजीभाई पीठ मारू ने कहा,” जाति प्रमाणपत्र और डोमेसाईल सर्टिफिकेट को हमारे समाज को और बाकी लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है। जिसे सरल बनाया जाय। जिसके लिए कर्मचारी जनता को बार बार दौड़ाते है और फिर भी कोई काम नहीं होता है। और समाज के लोगों को पढाई, नौकरी इत्यादि में सरकार की तरफ से मिलने वाली किसी भी सुविधा का लाभ वढ़ियारा चमार समाज को नहीं मिल पा रहा है। जाति प्रमाणपत्र को लेकर जो नियम १० अगस्त १९५० को बना है, उसे रद्द किया जाए और जाति प्रमाणपत्र और डोमेसाईल सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को आसान बनाया जाय।”

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इस अवसर पर वढ़ियारा चमार समाज के उपाध्यक्ष रामजीभाई नानजी परमार, सेक्रेटरी नाथूभाई करसन डोडिया,सह-सचिव आलजीभाई पीठ मारू,नथूभाई सवजी सींगल,जेशिंगभाई भावजी कतपरा,पालजीभाई सवजी कतपरा, पीठाभाई लाखा सोलंकी,सवजीभाई भंजा चावड़ा, विश्रामभाई अमरा मेरीया, देवजीभाई नथू चावड़ा इत्यादि लोगों के साथ संस्था के पचास से ज्यादा लोगों ने मिलकर अपनी समस्या से मंत्रीजी को अवगत कराया।

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