उत्तर प्रदेश, युवाओं के लिए अखिलेश सरकार का बड़ा तोहफा

Nov 17, 2016
उत्तर प्रदेश, युवाओं के लिए अखिलेश सरकार का बड़ा तोहफा

युवाओं के लिए अखिलेश सरकार ने दिया ज़बरदस्त तोहफा, अब अखिलेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी प्राइवेट इंजीनियरिंग-मैनेजमेंट कॉलेजों के सभी कोर्सों की स्टैंडर्ड फीस तय कर दी है। यूपी के टेक्निकल एजूकेशन डिपार्टमेंट ने नई स्टैंडर्ड फीस की घोषणा करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। नई फीस साल 2017-18 से लागू की जाएगी। अब तक उत्तर प्रदेश में प्राइवेट इंजीनियरिंग-मैनेजमेंट कॉलेजों द्वारा मनमानी फीस स्टूडेंट्स से वसूली जाती थी जिसकी वजह से स्टूडेंट्स के अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सब कुछ होगा कुछ इस प्रकार..

टेक्निकल एजूकेशन डिपार्टमेंट की एडमिशन एंड फीस रेगुलेटरी कमेटी ने प्राइवेट टेक्निकल एजूकेशन इंस्टीट्यूशन (एडमिशन रेगुलेशन एंड फीस फिक्सेशन) रूलबुक 2015 एक्ट 2006 के सेक्शन-14 में दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए अधिसूचना जारी की है। इसके मुताबिक 2017-18 से प्राइवेट इंजीनियरिंग और डिप्लोमा स्तर की सभी संस्थानों में स्टैंडर्ड फीस लागू कर दी गई है।

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नई व्यवस्थाओं के मुताबिक बीटेक, बीआर्क, बीफार्मा, बीएफए, बीएफएडी की सालाना स्टैंडर्ड फीस 55 हजार रुपए होगी। होटल मैनेजमेंट के कोर्स बीएचएमसीटी की फीस सालाना 78 हजार रुपए होगी। एमबीए, एमसीए, एमटेक, एमफार्मा और एमआर्क की सालाना फीस 58 हजार रुपए निर्धारित की गई है।

डिप्लोमा के तीन वर्षीय सभी कोर्सों की फीस 30 हजार रुपए तय की गई है। दो और एक साल के डिप्लोमा कोर्सों की फीस सालाना 21,500 रुपए होगी। इसके अलावा सभी सहायता प्राप्ता डिप्लोमा कोर्सों की फीस 19 हजार रुपए सालाना रहेगी।

जो कॉलेज स्टैंडर्ड फीस लागू नहीं कराना चाहते, वे अपनी सुविधाओं और खर्च के आधार पर अलग फीस तय करा सकते हैं। इसके लिए 15 दिसंबर तक अपना प्रस्ताव डिपार्टमेंट को भेज सकते हैं। जो संस्थान स्टैंडर्ड फीस तय रखना चाहते हैं वे 31 जनवरी 2017 तक अपनी सहमति दे सकते हैं।

प्रदेश के ऐसे कई बच्चे हैं जिनका गर्वनमेंट कॉलेजों में एडमिशन नहीं हो पाता है लेकिन गरीब होने की वजह से वो प्राइवेट कॉलेजों में एडमीशन नहीं ले पाते थे। सालाना लाखों रुपए की फीस की वजह से बच्चों को टेक्रीकल एजुकेशन से महरूम रहना पड़ता था। अब बिल्कुल भी ऐसा नहीं होगा। उम्मीद की जा रही है आने वाले चुनावों में अखिलेश सरकार को इसका फायदा भी जरूर मिल सकता है।

अब तक प्रदेश के सभी प्राइवेट इंजीनियरिंग-मैनेजमेंट कॉलेजों मनमानी फीस वसूली जाती थी। बीटेक के लिए 1 से 1.5 लाख तक की फीस तथा एमसीए के लिए 1 लाख तक सालाना फीस वसूली जाती थी।

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