नाखूनों की उरली से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय

Jan 30, 2017
नाखूनों की उरली  से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय

नाखूनों के इंफेक्शन सेहत के लिए हानिकारक होती है । यह गंदगी ,प्रदूषण ,साफ-सफाई की कमी सिंथेटिक जुराबें और पैरों में ज्यादा पसीने के कारण होता है । कई बार नाखूनों में इंफेक्शन का कारण शरीर में पीएच स्तर का सही ना होने का कारण भी हो सकता है। जिस कारण शरीर में रोगों के साथ लड़ने की शक्ति कम हो जाती है ।अगर इसका इलाज सही समय पर ना किया जाए तो नाख़ून मोटे हो जाते हैं और दर्द करने लग जाते हैं ।अगर यह सारे लक्षण आपके नाखूनों में है तो नाखूनों की आस पास की सूजन रहती है ।तो करो यह उपाय

सेव का सिरका
सेब के सिरके और पानी की बराबर मात्रा लो और इस घोल में अपने नाखून को कुछ देर रुको दो। और कुछ दिन लगातार इस तरह करो।

लहसुन
लहसुन की कलियां के पेस्ट में सफेद सिरका मिलाकर पेस्ट नाखूनों पर लगाओ और इसको 15 – 20 मिनट तक लगे रहने दो इसका इस्तेमाल कुछ दिन लगातार करो।

नींबू का रस
नींबू के रस के साथ कुछ दिन नाखूनों की मालिश करो ।सूखने पर धो लो ।

टी ट्री तेल

टी ट्री तेल में कुछ बूंदे जैतून के तेल की मालिश तेल के साथ मालिश करो ।कुछ दिन लगातार इसके इस्तेमाल करो।

गरम पानी
अपने हाथ को गर्म पानी के साथ गर्म पानी में थोड़ा नारियल का तेल मिलाकर कुछ देर ऊँगली के नाखून पर रखो ।इसके साथ नाखून ठीक होना शुरू हो जाता है।

टापू की तरह दिखाई देता है यह हिंदू मंदिर

दुनियाभर में बहुत सारे मंदिर है ।जो अपनी मानता करके काफी प्रसिद्ध है ।आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं ।जो देखने में टापू की तरह दिखाई देता है। हम बात कर रहे हैं ।बेसिक मंदिर की।

वैसे तो इंडोनेशिया के मुसलमानों का सबसे बड़ा देश कहा जाता है ।पर यहां इससे बेसिक मंदिर काफी प्रसिद्ध है ।इस मंदिर को इंडोनेशिया में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सबसे खूबसूरत मंदिर में गिना जाता है ।यह मंदिर अंगूर नाम वाले पहाड़ पर स्थित है ।जो की देखने में टापू की तरह लगता है ।इस मंदिर को मंदिर टेंपल ऑफ बेसिक के नाम से जाना जाता है । यह इंडोनेशिया का सबसे पवित्र हिंदू मंदिर है।

इस मंदिर में कई देवी देवता हे देवताओं की मूर्तियां स्थापित है ।इंडोनेशिया के बहुत सारे लोग यहां पूजा करने आते हैं । यह सारे हिंदू उत्तर हम हिंदू त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाते हैं । कहते हैं कि बेसिक सब शब्द संस्कृत के वासुकी शब्द से आया है ।यहां एक विशाल क्षेत्र में वासुकी नाग की भी पूजा की जाती है। अपने सुंदरता के कारण यह मंदिर जातियों के लिए खिंचाव का केंद्र बना हुआ है। विदेश से लेकर लोग इस मंदिर की सुंदरता को देखने के लिए आते हैं यह रहने यहां रहने वाले लोग के लिए इस मंदिर की बहुत मानता है।

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