उरी आतंकी हमला: टेंटों में लगी आग के कारण हुई ज्यादातर जवान की मौत

Sep 19, 2016
उरी आतंकी हमला: टेंटों में लगी आग के कारण हुई ज्यादातर जवान की मौत

उरी हमले के पीछे एक बार फिर पाकिस्तान का हाथ होने के साफ संकेत मिल रहे हैं. गृह मंत्री ने 10 बजे दिन में मीटिंग बुलाई है, उसमें सीआरपीएफ के डीजी समेत गृहमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. इसके बाद रक्षा मंत्री पर्रिकर प्रधानमंत्री मोदी को हमले पर जानकारी देंगे. मारे गए आतंकियों के पास से मिले हथियारों पर मेड इन पाकिस्तान की मुहर लगी है.

रविवार तड़के जम्‍मू-कश्‍मीर के उरी में आर्मी प्रशासनिक बेस पर हुए आतंकी हमलें में 17 जवान शहीद हुए. इन जवानों में ज्यादातर जवान की टेंटों में लगी आग के कारण मौत हुई. ड्यूटी में बदलाव होने के कारण ज्यादातर जवान टेंट में थे. ऐसे में ग्रेनेड हमले के चलते टेंटों में लगी आग के कारण ज्यादातर जवानों की मौत हुई.

रविवार सुबह करीब पांच बजे के आस-पास बेस में चार फिदायीन हमलावर ने घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी थी. साथ ही उन्होंने ग्रेनेड भी फेंके थे. तीन घंटे चली जवाबी कार्रवाई में सभी आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया.

इस हमले में कम से कम 30 जवान घायल हो गए और उनको इलाज के लिए यहां से 100 किमी दूर श्रीनगर पहुंचाया गया. डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन रणबीर सिंह ने इन आतंकियों को पाकिस्तानी बताया.

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने मिले हथियारों और सामानों की जानकारी देते हुए कहा, “चार एके-47 राइफल, चार अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर्स और कुछ दूसरे ऐसे हथियार मिले हैं, जिनका इस्तेमाल जंग के दौरान होता है.” उन्होंने आगे कहा कि “मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तान में बने हथियार मिले हैं”
फ्रांस ने की कड़ी निंदा
फ्रांस ने भी उरी हमले की कड़ी निंदा की है. फ्रांस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह आतंकवाद के खि‍लाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है. उसने इसके साथ ही कश्मीर में शांति की जरूरत पर भी बल दिया है.

दूसरी ओर, श्रीनगर में शहीद जवानों के शव को श्रद्धांजलि दी जा रही है. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी.

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