संसद में आप मान के वीडियो पर हंगामा, दोनों सदनों में कामकाज बाधित

Jul 23, 2016

आप सांसद भगवंत मान द्वारा संसद भवन परिसर का वीडियो बनाए जाने को लेकर भाजपा, कांग्रेस समेत विभिन्न दलों के सदस्यों ने मान के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया जिससे कार्यवाही दिन भर बाधित रही.

मान के खिलाफ कार्रवाई की मांग में भाजपा नीत राजग ज्यादा मुखर था. राजग सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. उधर राज्यसभा में भी कार्यवाही बाधित हुयी और तीन बार के स्थगन के बाद बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी. इस मुद्दे पर हंगामे के कारण दोनों सदनों में प्रश्नकाल और भोजनावकाश के बाद होने वाला निजी कामकाज नहीं हो सका.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा,  “यह संसद की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है. हम देख चुके हैं कि इसकी सुरक्षा के लिए 13 लोगों ने जान गंवायी थी. यह मामला गंभीर है. मैं कोई न कोई कार्रवाई करूंगी. मैं इस विषय को देखूंगी.”

बीजद सदस्य भृतुहरि महताब ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के 124ए के निर्देशों, कामकाज एवं आचार के नियम 334ए के तहत यह गंभीर मामला है.

भाजपा के आर के सिंह, शिवेसना के आनंदराव अडसूल और अकाली दल के प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की. वहीं कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने भी इसे गंभीर मामला बताया और कहा कि सारा सदन एक होकर इसकी निंदा करता है. उन्होंने कहा,  “निश्चित तौर पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.”

इस मुद्दे पर उत्तेजित भाजपा सदस्य अपने स्थान से आगे आकर आप सदस्य को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे वहीं शिवसेना, अकाली सदस्य अपने स्थान से मान को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे. इस दौरान भगवंत मान सदन में मौजूद थे.

भाजपा के किरीट सोमैया ने कहा कि यह विशेषाधिकार हनन का विषय है. वहीं अन्नाद्रमुक सदस्य पी कुमार ने कहा कि यह सदन की गरिमा और अचार का विषय है.

सदन में हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कार्यवाही करीब साढे बारह बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी. उधर, राज्यसभा में भी इस मुद्दे पर हंगामा हुआ और सत्तारूढ राजग सहित विभिन्न दलों के हंगामे के कारण बैठक तीन बार के स्थगन के बाद अंतत: दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी.

सुबह बैठक शुरू होते ही सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया. राजग सदस्यों ने मान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया. सदन में हंगामे के कारण शून्यकाल में एक बार और प्रश्नकाल में दो बार कार्यवाही स्थगित की गयी. अंतत: दोपहर बाद दो बजकर करीब 45 मिनट पर बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी.

शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने सांसद के इस आचरण के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.  संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मान के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने इस वीडियो को सार्वजनिक कर एक प्रकार से आतंकवादियों को संसद भवन की इमारत के अंदर के महत्वपूर्ण स्थान एवं सुरक्षा उपकरणों की जानकारी दे दी है.

संसद भवन की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उपसभापति पी जे कुरियन ने कहा कि सरकार को सुरक्षा उल्लंघन के इस मुद्दे को देखना चाहिए और समुचित कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा सरकार “सांसद के खिलाफ” कानूनी कार्रवाई कर सकती है.

कांग्रेस की अंबिका सोनी ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि उसने इस घटना को लेकर क्या कदम उठाए हैं. वहीं माकपा के सीताराम येचुरी ने लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की. इस पर नकवी ने कहा कि सरकार तब तक अपनी ओर से कार्रवाई नहीं कर सकती जब तक सदन सिफारिश न करे.

कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि संसद की सुरक्षा गैरदलीय मुद्दा है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार मान को गिरफ्तार करे और उनकी लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी जाए. इसी पार्टी के आनंद शर्मा ने कहा कि वर्ष 2001 में संसद पर हमला होने के बाद संसद की सुरक्षा समीक्षा के लिए एक संयुक्त समिति गठित की गई थी और वर्तमान मुद्दे को उस समिति के पास भेजा जाना चाहिए.

जदयू के नेता शरद यादव ने कहा कि मान ने “नादानी” की है. उनके इस कथन पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई. माकपा के तपन कुमार सेन ने कहा कि “सदन इस बारे में एकमत है कि कार्रवाई की जानी चाहिए. सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए.”

इस मुद्दे पर खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर ने कुछ कहना चाहा लेकिन कांग्रेस के आनंद शर्मा ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि सदस्य यहां उच्च सदन के सदस्य होने के नाते अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं और लोकसभा सदस्यों को अपने सदन में अपने विचार रखने चाहिए. उल्लेखनीय है कि हरसिमरत लोकसभा सदस्य हैं.

इस दौरान सदन में हंगामा को देखते हुए कुरियन ने 11 बज कर 40 मिनट पर बैठक को बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया. हंगामे के कारण सदन में आज प्रश्नकाल भी नहीं चल सका.  तीन बार के स्थगन के बाद दोपहर ढाई बजे बैठक शुरू होने पर भी सदन में वही नजारा देखने को मिला. भाजपा के सदस्य आसन के समक्ष मान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे. साथ ही केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर भी कुछ बोलने का प्रयास करती रहीं.

कांग्रेस के आनंद शर्मा ने हरसिमरत के बोलने पर फिर आपत्ति जतायी. इस पर उपसभापति कुरियन ने कहा कि मंत्री होने के नाते वह सदन में बोल सकती हैं.

आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के सदस्य जानबूझ कर सदन में हंगामा कर रहे हैं क्योंकि वे नहीं चाहते कि आंध्र प्रदेश संबंधित एक महत्वपूर्ण निजी विधेयक पर चर्चा हो सके. माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी आनंद शर्मा की बात का समर्थन किया. सत्तारूढ़ राजग में शामिल तेदेपा के सदस्य सी एम रमेश ने भी आसन से सदन में व्यवस्था कायम करने का अनुरोध किया ताकि आंध प्रदेश से संबंधित निजी विधेयक पर चर्चा हो सके.

कुरियन ने सदस्यों से शांत होने और सदन में कामकाज होने देने की अपील की. उन्होंने कहा कि आज सत्ता पक्ष के ही लोग सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं. अपनी अपील का असर नहीं होते देख कुरियन ने दो बजकर करीब 45 मिनट पर बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी.

कार्यसूची के अनुसार सदन में आज भोजनावकाश के बाद कांग्रेस सदस्य केवीपी रामचंद्र राव के निजी विधेयक आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2016 पर आगे चर्चा होनी थी.
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