देश के 91 प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में 2 प्रतिशत कमी

Mar 24, 2017
देश के 91 प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में 2 प्रतिशत कमी

देश के 91 प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में दो प्रतिशत कमी आई है। इन जलाशयों में 54.962 बीसीएम (अरब घन मीटर) जल का संग्रहण आंका गया। यह इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 35 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के कुल संग्रहण का 132 प्रतिशत तथा पिछले 10 वर्षो के औसत जल संग्रहण का 101 प्रतिशत है। उधर 16 मार्च को समाप्त सप्ताह में यह 37 प्रतिशत आंका गया था। यहां जारी बयान के अनुसार, इन 91 जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता 157.799 बीसीएम है, जो समग्र रूप से देश की अनुमानित कुल जल संग्रहण क्षमता 253.388 बीसीएम का लगभग 62 प्रतिशत है। इन 91 जलाशयों में से 37 जलाशय ऐसे हैं, जो 60 मेगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ पनबिजली संबंधी लाभ देते हैं।

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बयान के अनुसार, उत्तरी क्षेत्र के तहत आने वाले हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान में 18.01 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले छह जलाशय हैं, जो केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 4.02 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 22 प्रतिशत है।

इसी तरह पूर्वी क्षेत्र के तहत आने वाले झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल एवं त्रिपुरा में 18.83 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 15 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 10.53 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 56 प्रतिशत है।

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बयान के अनुसार, पश्चिमी क्षेत्र के तहत आने वाले गुजरात तथा महाराष्ट्र में 27.07 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 27 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 12.29 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 45 प्रतिशत है।

मध्य क्षेत्र के तहत आने वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में 42.30 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 12 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 20.12 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 48 प्रतिशत है।

बयान के अनुसार, दक्षिणी क्षेत्र के आंध्र प्रदेश (एपी), तेलंगाना (टीजी), एपी एवं टीजी (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं), कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु में 51.59 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 31 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 8.00 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 16 प्रतिशत है।

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पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्यों में जल संग्रहण बेहतर है, उनमें पंजाब, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, एपी एवं टीजी (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं) और तेलंगाना शामिल हैं। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्यों में जल संग्रहण कमतर है, उनमें हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं।

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