UP से भेदभाव को लेकर राज्यसभा में सपा का हंगामा

Aug 11, 2016

केन्द्र सरकार पर उत्तर प्रदेश के हिस्से की राशि जारी करने में भेदभाव का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने गुरुवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा किया.

इसके कारण सदन की कार्यवाही पहले 15 मिनट और फिर बारह बजे तक स्थगित करनी पड़ी.

सपा के रामगोपाल यादव ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, और मंत्रियों ने केन्द्र सरकार को अनेकों पत्र लिखकर विभिन्न योजनाओं के लिए केन्द्र की ओर से राशि नहीं जारी किये जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि केन्द्र उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव कर रहा है जिससे विभिन्न योजनाओं का काम लटका पड़ा है.

यादव ने कहा कि केन्द्र का कहना है कि राज्य सरकार पैसे को खर्च नहीं कर रही है लेकिन वह कहना चाहते हैं कि यदि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होती तो केन्द्र पैसा जारी कर देता. उन्होंने कहा कि यदि सरकार दो तीन दिन में उत्तर प्रदेश के हिस्से का पैसा नहीं जारी करता है तो वह सदन का कामकाज नहीं चलने देंगे.

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत उत्तर प्रदेश को 385 करोड़ रूपये की राशि जारी नहीं की है. इसी तरह अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के छात्रों की छावृत्ति के 1425 करोड़ रूपये नहीं दिये गये हैं जिससे 8 लाख छा प्रभावित हुए हैं. बाण सागर योजना के तहत भी 1766 रूपये की राशि बकाया है. बाढ़ प्रबंधन के लिए 152 करोड़ और ओला वृष्टि के लिए और 441 करोड़ रूपये की राशि दी जानी है. प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत भी राशि नहीं दिये जाने से सड़कों का काम अधूरा पड़ा है.

इसके बाद सपा के सदस्य आसन के निकट आकर नारेबाजी करने लगे.

हंगामे के बीच ही जनता दल यू के अली अनवर अंसारी ने बिहार में बाढ़ का मामला उठाते हुए कहा कि राज्य के 14 जिलों में बाढ़ से तबाही के कारण 35 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में फसल डूब गई है. केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री फसल योजना के तहत आधी राशि जारी नहीं कर रही है जिससे राहत कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं. इसके बाद जद यू के सदस्य भी आसन के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे.

कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने भी कहा कि केन्द्र सरकार गैर भाजपा राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है.

उप सभापति पी जे कुरियन ने सदस्यों से अपनी जगहों पर लौटने को कहा लेकिन इसका असर होते नहीं देख उन्होंने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए 11 बजकर 35 मिनट तक स्थगित कर दी.

कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी सपा और जद यू सदस्य आसन के निकट जाकर नारे लगाने लगे. उप सभापति ने कहा कि 15 सदस्यों को शून्यकाल में अपने मुद्दे उठाने हैं इसलिए सदस्य शांत होकर अपनी जगहों पर चले जायें.

उन्होंने कहा कि वह शून्यकाल में अपनी बात रखने के लिए नोटिस देने वाले सभी सदस्यों से माफी मांगते हैं कि उन्हें अशांति के कारण इसका मौका नहीं मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि हंगामे की इस स्थिति में उनके पास कार्यवाही स्थगित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इस कारण से शून्यकाल नहीं हो सका.

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