अमेरिका में 10 दिनों में भारतीयों पर तीसरा हमला

Mar 05, 2017
अमेरिका में 10 दिनों में भारतीयों पर तीसरा हमला

अमेरिका में नस्लीय हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामले में एक नकाबपोश हमलावर ने भारतीय मूल के एक शख्स को उनके घर के सामने गोली मार दी। इस घटना में वह घायल हो गया। बंदूकधारी ने उस पर गोली चलाने से पहले उसे अमेरिका छोड़कर अपने देश लौट जाने की चेतावनी दी।

भारतीय मूल के शख्स पर शुक्रवार रात को हमला हुआ, जिसमें वह बच गए। पिछले 10 दिनों में यह भारतीय मूल के लोगों पर गोलीबारी की तीसरी घटना है।

इन हमलों में दो लोगों की जान चली गई, जिससे पूरा देश सकते में है।

पुलिस का कहना है कि 39 वर्षीय पीड़ित की पहचान उजागर नहीं की गई है। वह केंट शहर में अपने घर के सामने थे, जब एक बंदूकधारी ने उन पर गोली चला दी। हमलावर श्वेत बताया जा रहा है। उसने आंशिक रूप से चेहरा ढका हुआ था।

केंट पुलिस प्रमुख केन थॉमस ने शनिवार सुबह कहा, “हम अभी जांच के शुरुआती चरण में हैं। हम इसे बहुत ही गंभीर घटना के रूप में देख रहे हैं।”

किंग5 टीवी के मुताबिक, घटना की नस्लीय अपराध के तौर पर जांच की जा रही है। पुलिस ने संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) से भी मदद मांगी है।

इससे पहले गुरुवार को दक्षिण कैरोलिना के लैंकेस्टर में भी एक नस्लीय हमले में हरनीश पटेल की हत्या कर दी गई थी। वहीं, 22 फरवरी को कंसास में हुए नस्लीय हमले में कुचिभोटला की मौत हो गई थी। कंसास में 22 फरवरी को हुए हमले में आलोक मदासानी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

केंट सिटी काउंसिल की उम्मीदवार सतविंदर कौर ने फेसबुक पर कहा कि पीड़ित के बाजू में गोली लगी है और उन्होंने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की इच्छा जताई है, इसलिए एक समुदाय के तौर पर हमें इसका सम्मान करना चाहिए।

केंट की महापौर सुजेट कूके ने भी पीड़ित से संपर्क किया।

कौर ने कहा, “यह घटना बहुत बड़ी है, क्योंकि इस हद तक के नस्लीय हमले हमारे समुदाय में नहीं हुए।”

अमेरिका में सिख समुदाय के नेता जसमीत सिंह ने टाइम्स को बताया कि पीड़ित को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

सिंह ने बताया, “वह और उसका परिवार डरा हुआ है। फिलहाल, जो कुछ भी हो रहा है, हम उससे सकते में हैं।”

अमेरिका में अधिकारियों ने हालांकि गुरुवार रात को लैंकेस्टर में हरनीश पटेल पर हुए हमले को हालांकि ‘घृणा अपराध’ मानने से इनकार किया है। काउंटी शेरिफ बैरी फेल ने शुक्रवार को कहा, “मेरे पास यह विश्वास करने का कोई कारण ही नहीं है कि यह नस्लीय हमला था।”

इन नस्लीय हमलों की अमेरिका और भारत दोनों जगह निंदा की जा रही है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले मंगलवार को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा था, “कंसास में पिछले सप्ताह हुई गोलीबारी हमें याद दिलाती है कि नीतियों को लेकर भले ही हमारे बीच मतभेद हों, पर हर तरह के नस्लीय हमलों की निंदा को लेकर हम एकजुट खड़े हैं।”

विदेश सचिव एस.जयशंकर ने शुक्रवार को वाशिंगटन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने अपने दौरे के दौरान प्रशासन और कांग्रेस के नेताओं के साथ केंट घटना पर चर्चा की।

जयशंकर ने इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन, गृह मंत्री जॉन केली और प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पॉल रेयान से मुलकात की थी।

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