17 साल से शिवलिंग बना रही ये मुस्लिम महिला, बोलीं-‘हिंदू-मुस्लिम कुछ नहीं, हिंदुस्तानी हैं हम’

Nov 03, 2017
17 साल से शिवलिंग बना रही ये मुस्लिम महिला, बोलीं-‘हिंदू-मुस्लिम कुछ नहीं, हिंदुस्तानी हैं हम’

देश के अलग-अलग हिस्सों से सांप्रदायिक हिंसा की खबरें भले ही आती रहती हों। हिंदू-मुस्लिम के बीच धर्म की खाई बनाकर उन्हें लड़ाने की लाख कोशिशें की जाती हों लेकिन, इसी बीच कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जो देश में विद्यमान सामाजिक और धार्मिक सद्भाव को दर्शाती है। एक ऐसा ही उदाहरण वाराणसी की एक मुस्लिम महिला आलम आरा ने पेश किया है।

बता दें कि आलम आरा पिछले 17 सालों से शिवलिंग बना रही है। उनका मानना है कि हिंदू-मुस्लिम के बीच विवाद खड़ाकर उन्हें बांटना समय की बर्बादी है और वह खुद को हिंदू या मुसलमान नहीं बल्कि हिंदुस्तानी मानती हैं। वह अपने जीवकोपार्जन के लिए शिवलिंग बनाती हैं। उनका कहना है कि यह कला उन्हें जन्मजात मिली है।

उन से जब रिपोर्टर ने ये सवाल पूछा कि आप एक मुस्लिम महिला होने के बावजूद शिवलिंग क्यों बनाती हैं, तो उन्होंने दो-टूक जवाब देते हुए कहती हैं कि “वह हिंदू-मुस्लिम नहीं बल्कि हिंदुस्तानी हैं।” आगे उन्होंने ने कि, “यह कला भगवान का तोहफा है। हम इसे प्यार से बनाते हैं।” आलम के जीवनयापन का यही साधन है। उन्होंने कहा, ‘यह हमारी रोजी है। हिंदू-मुस्लिम कुछ नहीं होता है। हम हिंदुस्तानी हैं।’ आरा ने अपने विचारों से उन ताकतों को सबक सिखाने का काम किया है जो अपने स्वार्थ के लिए हिंदू-मुस्लिमों को लड़ाती हैं और उनको बांटने का काम करती हैं।

लाइक करें:-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>