बेटी के जन्म पर पेड़ लगाते हैं इस गांव के लोग

Feb 01, 2017
बेटी के जन्म पर पेड़ लगाते हैं इस गांव के लोग

ज्यादातर बेटियों को पेट में मार दिया जाता है। यह खबरें हमने सुनने को मिलती है। पर एक ऐसा गांव भी है जहां बेटी के जन्म लेने पर पेड़ लगाए जाते हैं ।जी हां , बिहार के धरहरा गांव में बेटी और पेड़ के लिए एक जैसा काम होता है ।

जिसकी चर्चा प्रदेश में होने लगी है । यह गांव भागलपुर जिले में गोपालपुर प्रखंड में बसा हुआ है । नवगछिया रेलवे स्टेशन से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है गांव । गंगा नदी के भी पास है ।लगभग 500 घर वाले इस गांव के लोग बेटी के जन्म पर पेड़ लगाते हैं। लोग अपनी अपनी हैसियत अनुसार पेड़ लगाते हैं परंतु पेड़ सारे लगाते हैं ।

सबसे बड़ी बात यह है कि जिस के पास पेड़ लगाने के लिए जमीन नहीं है वह गांव की ठाकुर बाड़ी की जमीन पर पेड़ लगाते हैं ।कोई गरीब परिवार अपनी बेटी के जन्म पर एक पेड़ तो लगाता ही है ।जबकि आर्थिक तौर पर खुशहाल कोई परिवार 25 पेड़ कोई 30 पेड़ कोई 50 पेड़ लगाते हैं ।आम अमरुद लीची जैसे फलदार पेड़ लगाए जाते हैं ।ताकि कोई महंगी लकड़ी वाले पेड़ भी लगाता है ।

पेड़ लगाने के पीछे दो कारण है पहला बेटी की पढ़ाई लिखाई और शादी का खर्चा का प्रबंध करना और दूसरा वातावरण को संतुलित रखना। पेड़ पर गांव वालों का कहना है कि जब तक बेटी की ऊंचाई पढ़ाई शुरू होती है तब तक उनके नाम के लगाए हुए पेड़ फल देने लगते हैं । फल में बेच के जो आमदनी होती है उसके साथ बेटी को उचित शिक्षा देने में काफी मदद मिलती है ।जब बेटी शादी लायक होती है तब उसके नाम पर लगाए गए शीषम और सागवान के पेड़ को काट कर बेचा जाता है।

पुराने पेड़ की जगह नए पेड़ लगाए जाते हैं इस तरह गांव में में बसे हुए अपनी बेटियों के पढ़ाई और शादी के खर्चे के लिए अलग से कुछ सोचना नहीं पड़ता । हर साल वातावरण के मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री इस गांव में आते हैं और किसी बेटी के नाम पर पेड़ लगाते हैं । गांव में बेटी के जन्म पर पेड़ लगाने की परंपरा कई साल पुरानी है ।इस कारण यह गांव हरा भरा है गांव का क्षेत्रफल लगभग 1221 हेकड है।

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>