दोपहर तीन से शाम छह बजे के समय में होती है अधिक सड़क दुर्घटना: रिपोर्ट

Jun 13, 2016

आम तौर पर माना जाता है कि सड़क दुर्घटनाओं का अंदेशा देर रात और तड़के सबसे ज्यादा रहता है.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2015’ में बताया गया है कि वर्ष 2015 में देश में 5,01,423 सड़क हादसे हुए जिनमें 1,46,133 लोगों की जान गयी. इनमें से सबसे ज्यादा 87,819 सड़क हादसे दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे के बीच हुए जो पिछले साल के कुल सड़क हादसों का 17.51 प्रतिशत है.

इन आंकड़ों की रोशनी में परिवहन विशेषज्ञ प्रफुल्ल जोशी ने बताया कि ‘दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे के बीच सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होने की अहम वजह यह है कि समय के इस अंतराल में रास्तों पर यातायात का अपेक्षाकृत कम दबाव होने से लोग बेहद लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘सड़क पर यातायात कम होने से चालक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाकर या गलत तरह से ओवरटेक करने के चलते दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं.’

जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में यह रूझान भी सामने आया है कि शहरी क्षेत्रों में लोग काम के बाद शाम को घर पहुंचने की जल्दबाजी में तेजी से गाड़ी चलाते हैं. इस वजह से भी शाम पांच से छह बजे के बीच सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि शाम छह से रात नौ बजे के बीच भी बड़ी तादाद में सड़क हादसे होते हैं. वर्ष 2015 में इस समय अंतराल में 86,836 सड़क हादसे हुए जो पिछले साल के कुल सड़क हादसों का 17.32 प्रतिशत है.

रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2015 में रात नौ से 12 बजे के बीच हुए सड़क हादसों की तादाद 51,425 है, जबकि रात 12 से तीन बजे के बीच 27,954 सड़क हादसे हुए.

वर्ष 2015 में रात तीन से सुबह छह बजे तक 30,291 सड़क दुर्घटनाएं सामने आयीं. सुबह छह बजे से नौ बजे तक 55,518 सड़क हादसे हुए. सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे के बीच 81,964 सड़क दुर्घटनाएं हुइ. दोपहर 12 से तीन बजे के बीच 79,616 सड़क हादसे सामने आये.
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