रविशंकर के प्रोग्राम से खत्म हुई यमुना की जैव विविधता जिसे कभी नहीं लौटाया जा सकता: NGT के विशेषज्ञ

Aug 17, 2016

नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण के कारणों की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञों की कमिटी गठित की थी। कमिटी ने एक रिपोर्ट में बताया कि पिछले मार्च के महीने में श्री श्री रविशंकर ने जिस स्थान पर विश्व संस्कृति समारोह (वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल) का आयोजन किया था वहां की जैव विविधता अप्रत्यक्ष तौर पर पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। जिसे कभी नहीं लौटाया जा सकता है।

अंग्रेजी समाचार पत्र द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 जुलाई को कमिटी ने यह रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी है। जल संसाधन मंत्रालय के सचिव शशि शेखर ने बताया कि डीएनडी फ्लाईओवर और बारापुल्लाह नाली के बीच का बाढ़ अधिकृत क्षेत्र के बीच विश्व संस्कृति समारोह का आयोजन स्थल था जो कि सामान्य तौर पर नहीं बल्कि पूरी तरह से नष्ट हो चुका है।

उन्होने बताया कि वहां की जमीन अब पूरी तरह से समतल, ठोस और कठोर व पूरी तरह से जल निकायों या गढ्ढों से रहित है। डीएनडी फ्लाईओवर के आधार पर कुछ स्थानों को छोड़कर लगभग पूरी तरह से किसी भी वनस्पति रहित है।

द इंडियन एक्सप्रेस से एक बयान में आर्ट ऑफ लिविंग ने कहा कि एनजीटी हमारे आवेदन पर सुनवाई करने के लिए समीति का पुनर्गठन किया है।

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