आजादी के बाद देर रात संसद भवन को गंगाजल से धोया गया था, ये थी वजह

Aug 15, 2017
आजादी के बाद देर रात संसद भवन को गंगाजल से धोया गया था, ये थी वजह

आजादी के साथ-साथ भारत ने बंटवारे की पीड़ा भी झेली थी। हमारी आजादी से एक दिन पहले यानी 14 अगस्त 1947 को भारत से अलग होकर पाकिस्तान बना था। तब से पाकिस्तान अपने आजादी का जश्न हमसे एक दिन पहले मनाता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत और पाकिस्तान दोनों की आजादी का मुहूर्त उज्जैन के विश्वविख्यात ज्योतिष सूर्यनारायण व्यास ने निकाला था।

बता दें कि जब 1947 में यह तय हो गया कि अंग्रेज अब भारत छोडऩे के लिए तैयार हैं, तब डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने गोस्वामी गणेशदत्त महाराज को उज्जैन के पंडित सूर्यनारायण व्यास को बुलाने के लिए भेजा। जिसके बाद पंडित व्यास ने पंचांग देखकर बताया कि आजादी के लिए सिर्फ दो ही दिन शुभ हैं। एक 14 और दूसरा 15 अगस्त है। जिस में एक दिन पाकिस्तान को आजाद घोषित किया जा सकता है जबकि एक दिन भारत को।

ये भी पढ़ें :-  RSS के नेता ने रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर दिया विवादित बयान- कहा "ये लोग देश के गद्दार हैं"

पंडित सूर्यनारायण व्यास ने डॉ. प्रसाद को भारत की आजादी के लिए मध्यरात्रि 12 बजे यानी स्थिर लग्न नक्षत्र का समय सुझाया, ताकि देश में लोकतंत्र स्थिर रहे। उनके के ही कहने पर आजादी के बाद देर रात संसद भवन को मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल से धोया गया था। उनके बताए मुहूर्त आधार पर गोस्वामी गिरधारीलाल ने संसद की शुद्धि करवाई थी। उनका मानना था कि संसद भवन को अंग्रेजों के आभा मंडल से मुक्त करना जरूरी है, जिसके लिए उन्होंने संसद भवन को गंगाजल से धुलवाया था।

पंडित सूर्यनारायण व्यास के पुत्र राजशेखर ने अपने पिता के जीवन और उनकी भविष्यवाणियों पर एक किताब भी लिखी है। जिसका नाम ‘याद आते हैं’ है। इस किताब के 34 वें ‘अध्याय ज्योतिष जगत के सूर्य (पृष्ठ क्रमांक 197 और 198) में आजादी के दिन के मुहूर्त का उल्लेख किया गया है। राजशेखर ने इस अध्याय में अपने पिता की अन्य भविष्यवाणियों का भी जिक्र किया है। सांदीपनी ऋषि के वंशज महान ज्योतिषाचार्य, लेखक, पत्रकार, पंडित सूर्यनारायण व्यास थे। उनका जन्म 2 मार्च 1902 को हुआ था। और आपको जानकार हैरानी होगी कि लालबहादुर शास्त्री के ताशकंद जाने से पहले सूर्यनारायण व्यास ने एक लेख में इस बात का ज़िक्र कर दिया था। कि वे जिंदा नहीं लौटेंगे मगर जब यह खबर उन तक पहुंची भी, तो उन्होंने इसको हंसकर टाल दिया था। मगर उनकी की हुई भविष्यवाणी सच साबित हुई गई।

ये भी पढ़ें :-  मुझे RSS समर्थकों ने दी है जान से मारने की धमकी: रवीश कुमार

सिर्फ इतना ही नहीं 7 दिसंबर 1950 को एक अखबार में उन्होंने लिखा कि उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का स्वास्थ्य अत्यंत चिंताजनक हो सकता है। 17 दिसंबर तक उनके लिए कठिन समय रहेगा। जिसके बाद उनकी ये भी बात सही साबित हुई। और आखिर 16 दिसंबर की अर्ध रात्रि को सरदार पटेल दिवंगत हो गए। इससे पहले 1932 में उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में भूकंप पर एक आर्टिकल लिखा था। फिर एक पत्र लिखकर आने वाले 300 भूकंपों की सूची प्रकाशित करवा दी। जिसके बाद समय के साथ-साथ ये भी सही साबित होती ही जा रही है। यह पत्र और अखबार सुरक्षित हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, राजेन्द्र प्रसाद और महात्मा गांधी के बारे में भी बहुत ही सटीक भविष्यवाणियां काफी पहले ही कर दी थीं, जिसमें एक ये भी थी कि गांधी ही हत्या होगी जो सही हुई।

ये भी पढ़ें :-  पिछले 15 सालों से 5 वक्त की नमाज के साथ-साथ हनुमान की पूजा भी करते हैं मोहम्मद हुसैन

और तो और उन्होंने आजादी के समय से संकेत दे दिए थे कि 1990 के बाद से देश की तरक्की के रस्ते पर होगा और 2020 तक भारत दुनिया का सिरमौर बन जाएगा। जिसके बाद 1990 में शुक्र की महादशा शुरू होने के बाद देश की तरक्की भी शुरू हो गई है।

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>