विधेयक लोकसभा में पेश सख्त प्रावधान वाला मोटर वाहन संशोधन

Aug 10, 2016

सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने के प्रावधान वाला विधेयक विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा में मंगलवार को पेश किया.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 पेश करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में देश में सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है और इनमें प्रतिवर्ष डेढ़ लाख से अधिक निर्दोष लोगों की मौत होती है.

उन्होंने कहा कि 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सलाह पर इस विधेयक में सख्त प्रावधान किये गये हैं, ताकि सड़क हादसों में कमी आये. वह नहीं चाहते कि यह सत्र भी निकल जाये और इस दिशा में कोई सख्त कानून न बने, क्योंकि पिछले एक साल से इसे लेकर कोई उपाय नहीं हो सका है.

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सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल उन्हीं की नहीं, बल्कि सदन के अन्य सदस्यों की भी जिम्मेदारी है. विधेयक लाने की उनकी हड़बड़ी सिर्फ इस बात के लिए है कि सख्त कानून बनाकर सड़क हादसों में कमी लाई जा सके और हजारों निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके. संसद का मानसून सत्र शुक्रवार को समाप्त हो रहा है और वह चाहते हैं कि इसी सत्र में इसे दोनों सदनों से पारित कराया जाये.

इससे पहले कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों ने गड़करी के विधेयक पेश करने का यह कहते हुए विरोध किया कि उन्हें विधेयक की प्रति नहीं मिली है. जिन्हें सुबह विधेयक की प्रति मिली भी है, उन्हें इसे पढ़ने का मौका नहीं मिला है.

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तृणमूल के सौगत रॉय ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि किसी विधेयक को पेश करने से कम से कम दो दिन पहले सदस्यों को उपलब्ध कराने की सदन में परम्परा रही है, लेकिन उन्हें विधेयक की प्रति नहीं मिली है. उन्होंने अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से आग्रह किया कि वह सदस्यों के अधिकारों के हनन की सरकार की प्रवृत्ति पर रोक लगायें. कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष इस मामले में सरकार को समर्थन को तैयार है, लेकिन केंद्रीय मंत्री को नियमों के तहत काम करना चाहिए.

इस पर श्रीमती महाजन ने कहा कि गड़करी केवल विधेयक पेश कर रहे हैं. इस पर चर्चा बाद में करायी जाएगी और सदस्य अपने संशोधन रख सकते हैं. अंतत: श्री गड़करी ने विधेयक पेश किया.

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इस संशोधन विधेयक में शराब पीकर वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना तथा ओवरस्पीडिंग के लिए एक हजार रुपये से चार हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

विधेयक में हिट एंड रन मामले में दो लाख रुपये का मुआवजा और सड़क दुर्घटना में मौत की स्थिति में 10 लाख रुपये मुआवजा का प्रावधान किया गया है. बगैर बीमा वाले वाहनों के लिए दो हजार रुपये जुर्माना या तीन माह की सजा अथवा दोनों के प्रावधान किये गये हैं.

हेलमेट के बिना वाहन चलाने पर भी 2000 रुपये का जुर्माना लगेगा तथा तीन महीने के लिए लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा.

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