बुलंदशहर हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के आरोपियों को सीबीआई की लापरवाही से मिल गई जमानत

Nov 08, 2016
बुलंदशहर हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के आरोपियों को सीबीआई की लापरवाही से मिल गई जमानत
बुलंदशहर में जुलाई में हुए बहुचर्चित हाईवे गैगरेप के आरोपियों को सीबीआई की लापरवाही से जमानत मिल गई। सीबीआई समय से चार्जशीट दाखिल करने से चूक गई। जिसके कारण फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के जज ध्रुव तिवारी ने आरोपियों को दो-दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
क्या है मामला
गौरतलब है कि जुलाई 2016 को मां-बेटी अपने परिजनों के साथ नोएडा से अपने पैतृक गांव जा रहे थे कि एनएच-91 पर बुलन्दशहर में आधा दर्जन बदमाशों ने कार को रोकर कार सवारों से पहले लूटपाट की थी फिर हाईवे के पास खेतों में ले जाकर मां-बेटी के साथ गैंगरेप कर फरार हो गये थे। मां-बेटी गैंगरेप काण्ड की जांच इन दिनों सीबीआई कर रही है। जिला शासकीय अधिवक्ता मौ.शारिक ने बताया कि गुरुवार को जिला जेल में बन्द आरोपी शाबेज, रहीसुददीन व जबर सिंह की उनके अधिवक्ता मौहम्मद असलम ने सीबीआई द्वारा निर्धारित समयावधि में चार्जशीट दाखिल न किये जाने के आधार पर जमानत याचिका दाखिल की थी। जिसे जिला जज ने फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय को सुनवाई हेतू स्थानांतरित कर दिया था।
सीबीआई के वकील के विरोध पर भी मिल गई जमानत

शनिवार की देर शाम को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सीबीआई के डीएसपी, केस की जांच कर रहे जांच अधिकारी व अधिवक्ता औऱ रहीसुददीन, शाबेज व जबर सिंह के अधिवक्ता मौजूद थे। जिला शासकीय अधिवक्ता मौ. शारिक ने बताया कि सीबीआई ने तीन आरोपियों के विरूद्ध तो चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन तीन के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल नहीं कर पायी, जिसके कारण सीबीआई के अधिवक्ता के विरोध के बावजूद फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायधीश ध्रुव तिवारी ने रहीसुद्दीन, शाबेज व जबर सिंह को जमानत दे दी।
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