सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में संशोधन किया, अब सरकारी विज्ञापनों में दिखेंगे CM, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और राज्यों के मंत्री

Mar 18, 2016

सरकारी विज्ञापन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बदलाव करते हुए राज्य के मुख्‍यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के तस्वीर की इजाजत दे दी है.

इस तरह के विज्ञापनों में राज्य के मंत्रियों के साथ राज्यपाल के फोटो लगाने की अनुमति कोर्ट ने दी है. सुप्रीम कोर्ट ने 13 मई 2015 के आदेश में संशोधन किया है.

सरकारी विज्ञापनों में सिर्फ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का ही फोटोग्राफ होने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है.

पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से दलील देते हुए अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ये तय नहीं कर सकता कि सरकारी विज्ञापनों में फोटो किसकी हो. ये काम संसद का है. संसद इसके लिए बजट देता है और वह फंड रोक भी सकती है.

अटार्नी जनरल ने कहा था कि अगर प्रधानमंत्री की फोटो विज्ञापनों में हो सकती है तो चीफ मिनिस्टर और बाकी मंत्रियो की क्यों नहीं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देश के सभी मंत्री बिना चेहरे के हो गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पांच साल एक ही चेहरा देखने को मिलेगा जो प्रधानमंत्री का है. यह सही नहीं है. दूसरे चेहरे भी दिखाना लोकतंत्र का हिस्सा है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि सरकारी विज्ञापनों में सिर्फ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का ही फोटोग्राफ हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस दलील को ठुकरा दिया था जिसमें केंद्र सरकार ने कहा था कि यह नीतिगत मामला है और इसमें जूडिशियरी को दखल नहीं देना चाहिए.

 

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