पवित्र महीने के पहले दिन, मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़

Jul 20, 2016

सावन का पवित्र महीना बुधवार से शुरू हो गया. सावन महीने के पहले दिन मंदिरों और शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है.

बुधवार से ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है. पुराणों में इस महीने में भगवान शिव की आराधना का खास महत्व बताया गया है. सभी शिवभक्त बाबा को दूध, भांग, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाते हैं.

पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के समय विष निकला तो सभी देवताओं ने भगवान शिव का आह्वान किया और देव कल्याण के लिए भगवान शिव ने विष अपने कंठ में ले लिया. तभी से हर शिवभक्त सावन के महीने में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करता है ताकि उनके कंठ में रखे विष की उग्रता थोड़ी कम हो जाए. इसलिए सावन में लाखों शिवभक्त अपने कांधे पर कांवड़ में जल भरकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं.

सावन के पहले दिन देशभर के मंदिरों और शिवालयों में बम-बम भोले और हर-हर महादेव की गूंज सुनाई दे रही है. सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. लोग हाथों में दूध, गंगाजल और बेलपत्र लेकर बाबा भोलेनाथ के मंदिरों की ओर प्रस्थान करते देखे गए.

हरिद्वार, वाराणसी और इलाहाबाद में लोगों ने सुबह से पवित्र गंगा स्नान शुरू कर दिया और गंगाजल भर कर बाबा भोले शंकर के शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए कांवड़ लेकर रवाना हो गए.

बाबा विश्वनाथ की पवित्र नगरी वाराणसी सुबह से ही हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी. वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा है.

वाराणसी के अलावा इलाहाबाद के मनकामेश्वर मंदिर के बाहर भी श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें देखी जा रही हैं. लोग हाथों में गंगाजल और बेलपत्र लिए हुए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए.

वहीं, उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालु उमड़ पड़े.

ऐसा माना जाता है कि पवित्र सावन महीने में बाबा भोलेनाथ की सच्चे मन से प्रार्थना करने पर भक्तों की मनोकामना पूरी होती है.

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