भूख से मरी गायों को मछलियों को खिलाया जा रहा है, गोशाला संचालक BJP नेता

Aug 19, 2016
बेमेतरा, छत्तीसगढ़। राज्य में गौसेवा के नाम पर किस प्रकार से गोरखधन्धा चल रहा है यह देखना है तो बेमेतरा जिले के साजा विधान सभा के रानो गोशाला में देखा जा सकता है। भूख से हो रही मौत के बाद मरी हुई गायों को तालाब में फेक कर मछलियों को खिलाया जा रहा है।
जिले के साजा ब्लाक के रानो गांव में हरीश वर्मा के द्वारा तीन गोशाला का संचालन किया जा रहा है। इसमें मयुरी गोरक्षा केन्द्र रानो, फूलचंद गोशाला गोडमर्रा व शगुन गोशाला राजपुर में संचालन किया जा रहा है। रिकार्ड में प्रत्येक गोशाला में 9 सौ गायों के नाम पर 2700 गायों का अवंंटन राज्य शासन से प्रत्येक माह लिया जा रहा है। राज्य शासन के द्वारा गोशाला के संचालन के लिए प्रति दिन चारे के लिए प्रति गाय के नाम पर 25 रुपए देती है।
इसके साथ ही गोशाला के रख-रखा के नाम पर लाखों रुपए का अनुदान भी राज्य शासन देता है, लेकिन वास्तम में वर्तमान में तीनों गोशाला को मिलाकर 600 गाय ही हैं। संचालक के द्वारा अधिकारियों से मिली भगत कर हर माह 20 लाख 25 हजार रुपए तीनों गोशाला के नाम से निकाला जा रहा है। उसके बाद भी भूख से गायों की मौत हो रही है।
गोशाला के बदइंतजामी के चलते गायों को खुले में ही कीचड़ भरी जगहों पर भूखे प्यासे रखा जाता है। और खाने के लिए बनाए टब में पत्थरों को भर दिया गया है। गोशाला के हालात इतने खराब हो चुके हैं कि रोजाना चार से पांच गायों की मौत भूख से हो रही है।
प्रतिबंधित मछली का किया जा रहा पालन
चौकाने वाली बात यह है की संचालक द्वारा गोशाला के पीछे एक गहरा तालाब खुदवाया गया है। इसमें प्रतिबंधित मांगुर मछली को पाला गया है। और जो भी गाय की मौत होती है। उसको तालाब में मछलियों के चारे के लिए फेंक दिया जाता है।
गोशाला के उपर मंडराते हैं चील कौवे
गोशाला के उपर चील कौवे मंडराते रहते हैं और कुत्ते गाय की बोटी के लिए ताकते रहते हैं। दर्जनों कुते गोशाला के पास घूमते रहते हैं। सबसे ज्यादा ग्रामीणों को खेत जाने में तखलीफ होती है। बदबू के चलते अपने खेतों में काम करने तक नहीं जा पा रहे हैं।
पिछले साल भी एक ही दिन में 24 गायों की हुई थी मौत
इस गोशाला में पिछले साल एक ही दिन में 24 गायों की मौत हुई थी इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई थी। उनके आदेश पर हुई जांच में गायों की मौत भूख प्यास और रख रखाव में कमी के कारण होने की बात सामने आई थी। उसके बाद भी अधिकरी हर साल लाखाों रुपए का अनुदान गोशाला को दे रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व गोसेवा आयोग के अध्यक्ष ने भी गोशाला का दौरा किया था। यहां बदइंतजामी देखी गई थी। उसके बाद भी अब तक कोई कार्यवाही गोशाला के विरूध नहीं की गई है। इसके बाद गोसेवकों ने उग्र आन्दोलन की चेतावनी दी है।
अपने आप को बताता है भाजपा नेता
गोशाला के संचालक हरीश वर्मा अपने आपको को भाजपा समर्पित जामुल नगर पंचायत उपाध्यक्ष बताते हुए मीडिया को कवरेज करने से रोका गया। इतना ही नही कैमरे को छीनने का भी प्रयास किया गया। खबर दिखाए जाने पर जान से मारने की भी धमकी देने से बाज नहीं आए। यहां तक भाजपा को बदनाम करने के लिए अपने गोशाला के मेन गेट में भाजपा का कमल निशान बनावा रखा है।
गोरक्षा के नाम पर रोज राज्य से लेकर देश में बवाल हो रहे हैं। वही गोसेवा के नाम पर गायों के मुंह का निवाला छीन कर गोसेवक अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं। इस गोरखधन्धे में उनका साथ राज्य के अधिकरी भी जमकर दे रहे हैं। सालों से चले आ रहे इस गोरखधन्धे की जांच कराई जाए तो अनेक मामले सामने आएंगे।
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