अगर फिरकों मे बटे रहे तो वह दिन दूर नहीं जब हर कोई मारा जायेगा, मंच पर साथ आये मौलाना तौकीर रजा और मौलाना मदनी

Sep 30, 2016
अगर फिरकों मे बटे रहे तो वह दिन दूर नहीं जब हर कोई मारा जायेगा, मंच पर साथ आये  मौलाना तौकीर रजा और मौलाना मदनी

मुसलमान अगर अल्लाह के बताए रास्ते पर चले तो वह एक बार फिर से दुनिया का रहनुमाई बन सकता है। यह ख्याल दारुल उलूम नदवतुल उलमा के प्रिंसिपल मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी ने कही। वे गुरुवार को तहरीके उमर सोसाइटी की ओर से सिटी स्टेशन के पास स्थित रिफाहे आम क्लब में आयोजित जलसा हालाते हाजिरा और मुसलमान को सम्बोधित कर रहे थे।

जलसे में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुसलमान इस देश में किरायेदार नहीं है बल्कि हिस्सेदार है। उसको देश में हर तरह का हक हासिल है। मुलसमानों को अगले बीस साल के लिए शिक्षा को अपना हथियार बनाना होगा। मौलाना ने कहा कि तुम बगैर जाति, धर्म का फर्क किये अपने पडोसियों से हुस्ने सुलूक करो, सब्र और हिम्मत से काम लेते हुये अपनी जद्दोजहद को कायम रखो और इंसाफ देने वाले बनो भीख मांगने और शिकायतें करने की आदत छोड़ कर अपनी कमियों को सुधारो।

ये भी पढ़ें :-  आदित्यनाथ बोले- हाफिज सईद तो गीदड़ है, अगली सर्जिकल स्ट्राइक उसी पर

मौलाना तौकीर रजा खाँ ने कहा, कि मसलक का इख्तियार हमारे घर का मामला है इसे बाहर न जाने दो। उन्होंने ने कहा कि हम मसलकी ऐतबार से मुत्तहिद नही हो सकते तो मिल्ली मसायल पर तो इत्तिहाद कायम कर ही सकते हैं। और आज अगर हम मुत्तहिद नही हुये और इसी तरह फिरकों मे बटे रहे तो वह दिन दूर नहीं कि हर कोई मारा जायेगा। आज हमें हमारी दुश्मन ताकतें सिर्फ मुसलमान समझ कर हम पर जुल्म कर रही हैं और हम हैं कि मसलको में बंटे हैं। मौलाना रजा ने कहा कि आज हिन्दुसतान की हर कौमें फिरकों और जातियों में बंटी हुई है लेकिन जिस तरह हम लड रहें हैं शायद कोई और कौम इस तरह नही लड रही होगी।

ये भी पढ़ें :-  मकर संक्रांति त्योहार के दिन तेज रफ्तार की भेंट चढ़ गईं छह जिंदगियां

मौलाना ने अपने देवबंद के दौरे का जिक्र करते हुये कहा कि हमने इस बात कि परवाह नही किया कि हमारे मसलकी इक्तिलाफात के कारण वंहा जाने पर मेरे साथ बेहतर बर्ताव किया जायेगा या फिर दुतकारा जायेगा बल्कि हमने कौम का काम समझ कर अल्लाह के भरोसे का कदम आगे बढाया और अल्लाह ने मेरे अमल को कुबूल फरमाया और देवबंद के जिम्मेदारो ने मुझे गले लगाया क्योंकि कंही न कंही उन को भी इस बात की फिक्र थी कि आज सारे इक्तिलाफात के बंधन टूटने चाहिये।

मौलाना मदनी ने मौलाना तौकीर रजा खां का शुक्रिया अदा करते हुये कहा कि हम सब को मौलाना की इस कोशिश की हिमायत करनी चाहिए कि हमारे बीच में मसलको से हट कर मिल्ली मसायल पर एक जुट हो। मौलाना तौकीर रजा सहाब ने जो कदम उठाया है उसके लिये मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं और अपील करता हूं कि उनकी इस कोशिश को कामयाब करने के लिये उनका साथ दें। जलसे का संचालन मौलाना मेहदी हसन ऐनी कासमी ने किया।
कार्यक्रम में मौलाना उसामा कानपुरी, प्रोफेसर शकील समदानी, रिहाई मंच के अध्यक्ष एडवोकेट शुएब इत्यादि ने भी अपनी बात रखी।

ये भी पढ़ें :-  पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी के समर्थन में 500 महिलाओं ने दी गिरफ्तारी, सीएम को दिखाई चूडिय़ां

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>
error: 24hindinews.com\'s content is copyright protected
error: 24hindinews.com\'s content is copyright protected