देश में दी बर्ड फ्लू ने दस्तक, पक्षियों की मौत पर बंद हुआ दिल्ली का चिड़िया घर

Oct 20, 2016
देश में दी बर्ड फ्लू ने दस्तक, पक्षियों की मौत पर बंद हुआ दिल्ली का चिड़िया घर
देश में बर्ड फ्लू जैसे घातक रोक ने दस्तक दे दी है। दिल्ली के चिड़ियाघर में तीन पक्षियों के बर्ड फ्लू वायरस से मरने पर अलर्ट जारी करते हुए जू को बंद कर दिया गया है। अब जू तभी खुलेगा जब सभी पक्षियों और स्टाफ को वैक्सीन लग जाएगी।
6 रैपिड रेस्पांस टीम बर्ड फ्लू रोकने में जुटीं
दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में बर्ड फ्लू फैलने की खबर पर दिल्ली सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल राय ने दौरा किया। उन्होंने बताया कि कुल छह रैपिड रेस्पांस टीम गठित कर दी गई है। विशेषज्ञों का यह दल दिल्ली में सभी बर्डिंग साइट मसलन यमुना बायोडायवर्सिटी, नजफगढ़ ड्रेन, ओखला बर्ड सेंचुरी, निजामुद्दीन आदि स्थलों का निरीक्षण  किया। यहां से जांच के लिए नमूने लिए जाने के साथ ही बर्ड फ्लू से बचाव को लेकर भी जागरूक किया गया।
मरे पक्षियों में पाए गए वायरस
चिड़ियाघर प्रशासन ने पहली चिड़िया की मौत होने पर उसका नमूना जालंधर भेजा। वहीं बाद में बीते सोमवार और बुधवार को दो और चिड़ियों की मौत हुई तो उनके नमूने भोपाल की सरकारी लैब में भेजे गए। दोनों लैब की जांच में मृत पक्षियों में H5N1वायरस होने की पुष्टि हुई। जैसे ही चिड़ियाघर प्रशासन को रिपोर्ट मिली तो हड़कंप मच गया। कहीं यह संक्रामक बीमारी पूरे चिड़ियाघर में न फैल जाए इसके लिए तत्काल प्रभाव से वैक्सीनेशन तक जू को बंद कर दिया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण विभाग, राजस्व एवं विकास व एनीमल हसबेंड्री आदि विभागों के अफसर साझा मीटिंग कर बर्ड फ्लू की समस्या से निजात पाने में लगे हैं।
महाराष्ट्र सरकार से हो दिल्ली के अफसर कर रहे संपर्क
2006 में महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत होने लगी थी तो वहां के हेल्थ, इंवायरमेंट डिपार्टमेंट के अफसरों ने खास प्लान से निपटा था। चूंकि अब दिल्ली के जू में तीन प्रवासी पक्षियों की मौत हो गई तो कहीं अन्य बर्डिंग साइट्स भी बर्ड फ्लू की चपेट में न आ जाएं, इस आशंका से डरे अफसरों ने महाराष्ट्र सरकार के अफसरों से संपर्क करना शुरू किया है। ताकि उनसे गुर सीखकर दिल्ली में बर्ड फ्लू की समस्या से निजात दिलाई जा सके।
क्या है बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू यानी चिड़ियों का इन्प्लुएन्जा। यह एक विषाणुजनित रोग है। मुख्य रूप से मुर्गियों व अन्य चिड़ियों में यह विषाणु पनपता है। मगर  आदमी भी इसकी चपेट में आए तो मौत तक हो जाती है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक 2003 के बाद से इस बीमारी से 332 लोगों की मौत हुई।
वायरस बन सकता है महामारी
डब्ल्यूएचओ की एक रिसर्च के मुताबिक एच 5एन1 वायरस पर काबू नहीं पाया गया तो एक दिन यह महामारी बन सकता है।
तब इंसानों के बीच खांसने और छींकने से ही फैलने लगेगा। जिससे दुनिया में करोड़ों लोगों की मौत हो सकती है।
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