देश बचाने के लिए हर कदम उठा रही है सरकार: राजनाथ

May 21, 2016

केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठा रही है और सभी धर्मों और जातियों के लोग ”अपनी पूरी ताकत के साथ” आतंकवादी ताकतों से लड़ेंगे.

कश्मीर के मुद्दे, बाबरी मस्जिद ढहाए जाने और गुजरात एवं मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे का बदला लेने की आतंकवादी समूह आईएस की कथित धमकी वाले वीडियो के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने यह बात कही.

गृहमंत्री ने दिल्ली में आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय बुद्ध पूर्णिमा दिवस समारोह’ से इतर पत्रकारों से कहा, ”इस देश को सुरक्षित रखने के लिए जो कदम उठाने की आवश्यकता है, हम उठा रहे हैं. और मैं महसूस करता हूं कि इस देश के लोगों में भरोसे की भावना है.. सभी जातियों, धर्मो के लोग अपनी पूरी शक्ति के साथ आतंकवादी ताकतों से संघर्ष करेंगे.”

समारोह में हिस्सा ले रहे गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि आतंकवादी संगठनों के ”दुष्प्रचार” वीडियो देश को लोगों को प्रभावित नहीं कर पाएंगे.

रिजिजू ने कहा, ”इस तरह के प्रोपेगंडा वीडिया आते रहते हैं. आईएसआईएस या जो कोई भी इस तरह की चीजों का प्रोपेगंडा कर रहा है, वह भारत के लोगों के दिमाग को प्रभावित नहीं कर पा रहा है.” उन्होंने कहा, ”भारत के लोगों ने फैसला किया है कि वे देश में इस तरह की गतिविधियों को जड़ जमाने का मौका नहीं देंगे.”

सिंह ने इस मौके पर अपने भाषण में कहा, ”इन दिनों लोगों के बीच, समाज और धर्म के बीच संघर्ष बढ़ रहे हैं. इन संकटों का हल बुद्ध के संदेश में पाया जा सकता है.”

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा, ”इसमें आतंकवाद और चरमपंथ का भी समाधान है. अगर सभी अहिंसा में यकीन करना शुरू कर दें तो कैसे इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती है?” सिंह ने कहा कि कोई धर्म किसी और धर्म को नहीं ”काटता”, बल्कि वे एक दूसरे के ”पूरक” हैं.

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा, ”मैं जानता हूं कि कुछ अलगाववादी तत्व समुदायों के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए.”

सिंह ने कहा, ”हिंदू धर्म में भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है. इस तरह, उनकी जयंती ना सिर्फ बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि हिंदुओं के लिए भी महत्वपूर्ण है.”

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बीआर अंबेडकर भी बौद्ध धर्म से प्रभावित थे और इसी लिए उन्होंने उसे एक धर्म की तरह स्वीकार किया. करूणा, अहिंसा और शांति के बुद्ध के मूल्य भारतीय संविधान में प्रतिबिंबित होते हैं जिसे अंबेडकर ने बनाया था. उन्होंने कहा, ”जो इतिहास को जानते हैं वे जानते हैं कि भारत में पहला गणराज्य बुद्ध की वैशाली था.” सिंह ने कहा कि बुद्ध का संदेश पर्यावरण की समस्याओं का समाधान भी पेश करता है.

सिंह और रिजिजू के अलावा इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा और उपेन्द्र कुशवाहा भी शामिल हुए. कुशवाहा ने कहा कि मोदी सरकार दुनिया में भगवान बुद्ध के संदेश फैलाने के लिए कृतसंकल्प है.

उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने वाला अगर किसी ”अच्छे संदेश” को मानता है तो यह प्रभावी तरीके से फैल सकता है. उन्होंने इस मामले में सम्राट अशोक की मिसाल दी कि कैसे उन्होंने इसे अंजाम दिया.

इस मौके पर, कुशवाहा ने मांग की कि पटना का नाम पाटलीपुत्र किया जाए जो सम्राट अशोक के समय में था. कुशवाहा ने कहा, ”पटना का नामकरण पाटलीपुत्र किया जाना चाहिए ताकि हम सम्राट अशोक और भगवान बुद्ध का संदेश याद कर सकें.”

शर्मा ने कहा कि सरकार पहले ही भारतीय संस्कृति और बौद्ध धर्म का संदेश दुनिया में फैलाने का संकल्प जता चुकी है. उन्होंने बताया कि उनके पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत देश में बौद्ध पर्यटन का विकास किया जा रहा है.

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