देश संकट से गुज़र रहा है, नेता राजनीतिक तरीके से आपस में चरित्र हत्या में लगे हुए हैं : कुमार

May 11, 2016

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिग्री विवाद को राजनीतिक चुहलबाजी बताते हुए आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रोफेसर आनंद कुमार ने कहा कि यह और कुछ नहीं बल्कि भाजपा और आप की बीच नूराकुश्ती है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा मोदी की डिग्री का मुद्दा उठाये जाने के संबंध में पूछे गये सवाल पर कुमार ने कहा, ”यह सब राजनीतिक चुहलबाजी है. दिल्ली सहित देश में इस समय जल संकट, वायु संकट, मंहगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याएं हैं, और ये लोग गैर राजनीतिक तरीके से आपस में चरित्र हत्या में लगे हुए हैं.”

उन्होंने कहा कि यही बात मोदी और उनकी टीम पर लागू होती है. इस मुद्दे पर 70 आरटीआई लग गई जबकि पहली ही आरटीआई पर आपको दूध का दूध और पानी का पानी कर देना चाहिये था.

उन्होंने कहा, ”इसमें क्या दिक्कत है आपको यह कहने में कि मैं गरीब घर का हूं, मुझे पढ़ने का अवसर नहीं मिला और मैं तीन बार बीए फेल होकर पास हुआ. भाई मैं  अमर्त्य सेन नहीं हूं और न ही मैंने कभी दावा किया कि मैं मनमोहन सिंह हूं. लेकिन हां मैं नरेन्द्र मोदी हूं, मुझे तीन बार गुजरात की जनता ने मुख्यमंत्री बनाया और जनता ने ही देश का प्रधानमंत्री बनाया. बस यह कहने से बात खत्म हो जाती है.”

स्वराज अभियान के राष्ट्रीय संयोजक प्रोफेसर आनंद कुमार ने कहा कि यह दोनों तरफ से है और दोनों नूराकुश्ती कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ”या तो मोदी मानहानि का दावा करें या फिर इनके (केजरीवाल) के पास सच है तो एफआईआर करें. वह दिल्ली के मुख्यमत्री हैं और मोदी उनके इलाके में रहते हैं.”

उन्होंने कहा, ”यह कोई मुद्दा नहीं है. दुर्भाग्य से मीडिया के एक हिस्से ने इसे देश का सर्वोच्च मुद्दा बना दिया है. लड़ाई अगर होनी चाहिये तो मंहगाई, बेरोजगारी और महिलाओं की सुरक्षा पर होनी चाहिये.”

 दिल्ली की आप सरकार के विज्ञापनों के जरिये दिल्ली में सुधार और केजरीवाल की ईमानदारी के प्रश्न पर सामाज विज्ञान के सेवानिवृत्त प्रोफेसर ने कहा, ”थोथा चना बाजे घना.”

उन्होंने कहा कि दिल्ली में जल संकट है और मुख्यमंत्री लातूर में पानी भेजने की बात करते हैं. उन्होंने कहा उनकी (केजरीवाल) संगत ईमानदारों की है, इसके लेकर शक है.

स्वराज अभियान की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा देश के आठ राज्यों के 119 जिलों में समितियां बना दी गई हैं. इसका एक राष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 30-31 जुलाई को दिल्ली में किया जायेगा जिसमें आगे की रूपरेखा निर्धारित की जायेगी.

उन्होंने बताया कि स्वराज अभियान ने प्रयोग के तौर पर पहली दफा दिल्ली के स्थानीय चुनाव में वार्ड 67 से लोगों की रायशुमारी के बाद एक उम्मीदवार चुनाव के लिये निश्चित किया है. यह जनता का उम्मीदवार होगा और स्वराज अभियान केवल इसका समर्थन करेगा.

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे

 

 

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>