आरोपी के इकबालिया बयान की प्रति पाने का अधिकार है: हाईकोर्ट

Jun 25, 2016

बंबई हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि किसी आरोपी को मामले में सह आरोपी के इकबालिया बयान की प्रति पाने का अधिकार है और सीबीआई को शीना बोरा हत्याकांड के आरोपी संजीव खन्ना की याचिका के जवाब में हलफनामा दाखिल करना चाहिए.

अपनी पूर्व पत्नी इंद्राणी मुखर्जी की दूसरे रिश्ते से बेटी शीना की सनसनीखेज हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार खन्ना ने इंद्राणी के पूर्व चालक श्यामवर राय के इकबालिया बयान की प्रति मांगी है जिसे हाल ही में मामले में सरकारी गवाह बनने के बाद माफी दे दी गयी है.

न्यायमूर्ति साधना जाधव ने कहा कि किसी आरोपी को किसी मामले में सह-आरोपी या गवाहों के बयानों की प्रति पाने का अंतर्निहित अधिकार है, चूंकि इसे मुकदमे के दौरान साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा.

न्यायमूर्ति जाधव ने कहा, वह सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान के लिए कह रहे हैं. किसी आरोपी को इसका अधिकार है. उनके खिलाफ मुकदमा शुरू हो, उससे पहले उन्हें यह सब पाना जरूरी है. यह उनका अंतर्निहित अधिकार है. इससे पहले सीबीआई वकील पूर्णिमा कंथरिया ने कहा था कि एजेंसी खन्ना को इकबालिया बयान की प्रति देगी लेकिन बाद में.

उन्होंने कहा, हम उन्हें बयान देंगे लेकिन फिलहाल नहीं क्योंकि जांच चल रही है. राय का बयान हाल ही में आरोपपत्र दाखिल किये जाने के बाद दर्ज किया गया. उसे हाल ही में सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी गयी और माफी दे दी गयी.

हालांकि अदालत ने कहा कि अगर बयान निचली अदालत के सामने रखा गया है तो यह अभियोजन पक्ष का दस्तावेज नहीं रहता और सार्वजनिक दस्तावेज बन जाता है. अदालत ने सीबीआई को हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया और याचिका पर सुनवाई के लिए 30 जून की तारीख तय की.

खन्ना ने एक मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज राय के बयान की प्रति मांगी थी. सत्र अदालत ने उसकी इस याचिका को खारिज कर दिया था जिसके बाद वह उच्च न्यायालय में गया.

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