मोदी के सामने भावुक हुए चीफ जस्‍ट‍िस निकल पड़े आंसू, बोले- अब तो जजों की संख्या बढ़ा दीजिए

Apr 25, 2016

दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्‍यमंत्रियों व हाईकोर्ट के चीफ जस्‍ट‍िसों की बैठक में रविवार को भाषण देने के दौरान चीफ जस्‍ट‍िस ऑफ इंडिया टीएस ठाकुर भावुक हो गए और उनके आंसू निकल पड़े। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि जजों की संख्या 21,000 से बढ़ाकर 40,000 की जानी चाहिए ताकि मुकदमों के ‘तूफान’ से निपटा जा सके। अपनी बात कहते हुए वे भावुक हो उठे।

इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी भी वहां मौजूद थे। अपने भावुक भाषण में जस्‍ट‍िस ठाकुर ने आरोप लगाया कि जुडिशरी की मांग के बावजूद कई सरकारें इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रहीं। चीफ जस्‍ट‍िस ने कहा कि न निपटाए गए केसों की लगातार बढ़ती संख्‍या के लिए सिर्फ न्‍यायपालिका को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा कि ये देश कि व‌िकास के लिए जरूरी है कि मैं इस मौके पर आप सबसे हाथ जोड़कर बिनती करूं। आप न्याय पालिका पर सारा बोझ नहीं डाल सकते। जजों की क्षमता की सीमा है। उन्होंने कहा कि विदशों के जज आश्चर्य व्यक्त करते हैं कि भारत में न्यायपालिका काम कैसे करती है? औसतन एक जज 2,600 मुकदमे देखता है, जबकि अमेरिका में एक जज के पास के अधिक से अधिक 81 मुकदमे होते हैं। भारत की निचली अदालते हर साल 2 करोड़ मुकदमे देखती हैं।

इस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी के बोलने का कोई कार्यक्रम नहीं था लेकिन चीफ जस्टिस के भावुक होने के बाद उन्होंने माइक संभाल लिया। पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरा मानना है कि समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के लोगों और न्यायपालिका के लोगों को मिलकर हल निकालना चाहिए। अगर साथ बैठने में कोई संवैधानिक अड़चन न हो तो हम साथ मिलकर इसका हल निकालेंगे।

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