नोट बैन होने से हुई, 6 दिन में 30 से अधिक गरीब किसानों और मजदूर की मौत

Nov 15, 2016
नोट बैन होने से हुई, 6 दिन में 30 से अधिक गरीब किसानों और मजदूर की मौत

पीएम मोदी के नोट बैन करने पर पुरे देश का बुरा हल है। लोग पैसो के लिए बेहद परेशान दिख रहे है पुरे भारत में हड़कंप मैच हुआ है। आप को बता दें की अब तक जो नोट बैन होने के कारण पैसो की तंगी की वजह से लोगो की मौत की खबरें सबने आई है। उन सब में अगल-अलग हिस्सों में 30 से अधिक लोग मरे हैं। इन सभी लोगो की मौतें पैसा बदलने, जमा करने और निकासी के दौरान हुई है।

नोट बैन होने के कारण पिछले छह दिनों में जो आकड़े सामने आ पाए हैं-पढ़े 

    • पश्चिम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा के कैलाश अस्पताल में एक बच्चे की मौत हो गई, क्योंकि माता-पिता पास पुराने नोट थे। 10 हजार रूपये अस्पताल वालों को देने मगर उन्होंने 100-100 के नोट मांगे जिसे माता-पिता नहीं जुटा पाए।
    • मुंबई में एक नवजात शिशु की मौत हो गई क्योंकि प्राइवेट अस्पताल वालों ने इसे एडमिट नहीं किया। उस बच्चे के पिता के पास हजार के नोट थे और अस्पताल ने वो नोट लेने से इंकार कर दिया, जिससे नवजात की मौके पर मौत हो गई।
    • दिल्ली में उत्तर-पूर्वी की एक 24 वर्षीय महिला ने दुपट्टे से बांधकर खुद को सेलिंग फैन से लटका लिया। वह तीन दिनों पैसों के लिए दर-दर भटक रही थी।जब पैसा नहीं मिल पाया तो उसने परेशान होकर आत्महत्या कर लिया।
    • राजस्थान के पाली ज़िले के रहने वाले चंपालाल मेघवाल के नवजात बच्चे को एंबुलेंस ने अस्पताल ले जाने से मना कर दिया, क्योंकि उसके माता-पिता के पास 500 और 1000 के पुराने नोट थे। जब चंपालाल 100-100 के नोट लाए तब तक उनके बच्चे की मौत हो चुकी थी।
    • गुजरात के सूरत जिला में एक 50 वर्षीय मां और उसके बच्चों ने आत्महत्या कर ली। क्योंकि पास खाने को राशन नहीं था और दुकानदारों ने पुराने नोटों लेने से इंकार कर दिया।
    • उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सरकार के नोटबंदी फरमान से एक बुज़ुर्ग महिला की दिल का दौरा पड़ गया उसकी मौत हो गई।
    • पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली में एक 20 वर्षीय महिला ने सुसाइड़ कर लिया। जब उसका भाई पूराने नोट बदलकर घर लौटा तो उसने बहन को पंखे लटका पाया।
    • हैदराबाद में एक मां ने अपनी बेटी की शादी के लिए कुछ दिन पहले ही ज़मीन बेचकर नकदी 54 लाख रुपए जुटाई थी, लेकिन नोटबंदी की खबर आने के बाद और नोट न बदवा पाने से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर लिया
    • कर्नाटका में एक 40 वर्षीय महिला ने सुसाइट कर लिया, क्योंकि 15 हजार रूपये बैंक गई और उसका पैस चोरी हो गया। उसने यह पैसा अपने शराबी पति से बचाकर रखा था।
    • पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक पति ने अपनी पत्नी की जान सिर्फ इसलिए ले लिया क्योंकि वह एटीएम से नए नोट निकालने में नाकाम हो गई थी।
    • छत्तिसगढ़ में 45 साल के एक किसान ने आत्महत्या कर लिया, क्योंकि तीन दिनों तक बैंकों का चक्कर लगाने के बादप उसका 3,000 रूपया नहीं बदला जा सका। उसे तमिलनाडू में फंसे बच्चों के पास पास पैसे भेजने थे।
    • बिहार के कैमूर में एक पिता के बेटी की शादी थी। उसे इस बात का डर था कि दहेज में बेटी के ससुराल वाले पुराने नोट लेगें। इसी चिंता में उसका दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई।
    • गुजरात में सुरेंद्रनगर जिले के लिम्बडी शहर में, एक 69 साल के बुजूर्ग की मौत हो गई। वो बैंक ऑफ इंडिया शाखा की साखा में नोट चेंज करने के लिए खड़े थे और दिल का दौरा आया और उनकी मौत हो गई।
    • कानपुर में एक बुजुर्ग महिला नोटबंदी के बाद अपने पैसे को गिन रही थी, इसी दौरान दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई। पुलिस ने उसके शव के पास 2.69 लाख रुपये का नोट पाया।
    • केरल के थलासेरी के रहने वाले बिजली विभाग के एक कर्मचारी का सीढ़ी से फिसलकर मौत हो गई जब वो पुराने नोट बदलने के लिए बैंक का चक्कर लगा रहा।
    • विजाग में एक 18 महीने बच्चे की मौत हो हो गई, क्योंकि उसके माता-पिता के पास दवा खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। अस्पताल वालों ने 500 रुपये और 1,000 के पुराने नोट लेने से से इंकार कर दिया।
    • कानपुर में एक नौजवान 8 दिसंबर को दिल का दौरा पड़ा जब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टी.वी पर नोटबंदी का घोषणा करते हुए सुना। दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। कुछ ही दिनों पहले उसने अपनी जमीन के ग्राहकों से 70 लाख रूपये लिए थे। वह महीनो से अपनी जमीन को बेचने की कोशिश कर रहा था।
    • उत्तर प्रदेश में मैनपुरी में डॉक्टरों ने एक साल के बच्चे का इलाज करने से मना कर दिया। बच्चे को तेज बुखार था और माता-पिता के पास 100 रुपये में नोट फीस जमा करने के लिए पैसे नहीं थे। मजबूरन माता-पिता उसे घर ले गए जहां उसकी मौत हो गई।
    • राजस्थान के पाली जिले में एम्बुलेंस वाले ने एक नवजात को सिर्फ इस लिए अस्पताल नहीं ले गया क्योंकि उसके पिता चम्पलाल मेघवाल के 500 और हजार के पुराने नोट थे। पिता समय पर 100 रुपये में नोटों को नहीं ला सका जिसके चलते बच्चे की मौत हो गई।
    • उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक कपड़ा धोने वाली मौत हो गई। वह बैंक में अपने एक-एक हजार के दो नोट लेकर जमा करने गई थी। जब बैंक वालों की तरफ से बताया गया कि यह रूपया अब नहीं चलेगा तो सदमे में उसकी मौत हो गई।
    • तेलंगाना के महुबाबाद जिले के रहने वाले 55 वर्षीय कंदुकूरी विनोदा नाम की महिला की तब मौत हो गई जब उन्हें पता चला की अब पुराने नोट नहीं चलेंगे। उन्होंने 54 लाख रूपये जमीन बेचकर जमा की थी। यह पैसा उन्होंने अपने पति के इलाज के लिए और बेटी की दहेज के लिए देने के लिए जमा की थी। नोटबंदी के की खबर आने के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।
    • बिहार के कैमूर जिले में एक 45 वर्षीय व्यक्ति दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उन्होंने 35,000 रुपये अपनी बेटी के दहेज के लिए बचाकर रखा था। उन्हें डर था कि लड़के वालों की तरफ से पुराने नोटों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    • केरल के थालास्सेरी में एक 45 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। वो नोटबंदी के बाद अपने 5 लाख रुपये जमा करने के लिए जमा करने के लिए गया था। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, वह नोटों को बदलने में पहले दिन सफल नहीं हो सका था और दूसरे दिन जमा करने जमा करने पहुंचा था। डिपोजिट स्लीप भरते हुए उसकी पैर फिसली और गिर कर मौत हो गई।
    • मुंबई में 72 साल के एक वृद्ध विश्वास वर्तक की मौत बैंक में पुराने नोटों को जमा करने के के दौरान हो गई। इसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया।
    • गुजरात के तारापुर में एक 47 वर्षीय किसान को पुराने नोटों का आदान-प्रदान करने के दौरान मौत हो गई। वो अपनी बारी आने के इंतजार में लाइन में खड़े थें और दिल का दौरा पड़ा और निधन हो गया। उन्हें पैसों की जरूरत थी खेत मजदूरों का भुगतान के लिए।
    • केरल के अलाप्पुझा में एक 75 वर्षीय कार्तिकेयन की मौत बैंक लाइन में खड़ा रहने के दौरान हो गया। वो लंबे समय से कतार में खड़े थे।
    • कर्नाटक के उडुपी में एक 96 वर्ष के एक व्यक्ति बैंक की मौत लंबी कतार में खड़े होने दौरान हो गई। उनका बैंक खाता नहीं था।
    • मध्य प्रदेश में एक 69 वर्षीय व्यक्ति विनय कुमार पांडेय की मौत हो गई। वे एक सेवानिवृत्त बीएसएनएल कर्मचारी थे और रूपया चेंज करने बैंक गए थे, जहां एक कतार में लगने के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
    • भोपाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक कैसिअर की मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हो गया। बैंक कर्मचारियों पर सरकार की तरफ से अतिरिक्त घंटे लगाने और बड़े कतारों को उन्होंने देखा जिसके चलते उनकी मौत हो गई।
    • उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में एक व्यापारी की मौत हो गई जब उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 8 नवंबर को नोटबंद करने की घोषणा करते हुए सुना। सीने में दर्द महसूस हुआ और डॉक्टर के पास ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

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