शादी किए बिना डायरेक्टर के साथ रहती थी ये अभिनेत्री, ‘बेटों’ ने कर दी थी हत्या..

Jul 07, 2017
शादी किए बिना डायरेक्टर के साथ रहती थी ये अभिनेत्री, ‘बेटों’ ने कर दी थी हत्या..

बॉलीवुड में ऐसे कई स्टार गुज़रे हैं। जिनका नाम तो बहुत हुआ है। लेकिन उनकी ज़िंदगी बहुत ही ट्रैजिक रही है। एक ऐसे ही खूबसूरत एक्ट्रेसस में गिनी जाने वाली एक्ट्रेस की भी ज़िंदगी की कहानी बहुत ही दर्द भरी है। जिनको बॉलीवुड दुनिया प्रिया राजवंश के नाम से जानती है।

बता दें कि प्रिया राजवंश का जन्म शिमला में 1937 में हुआ था। इनका पूरा नाम वीरा सुंदर सिंह था, लेकिन वो प्रिया राजवंश के नाम से मशहूर हुईं। इन्होंने शादी तो की नहीं थीं। इसी लिए बिना शादी किए डायरेक्टर चेतन आनंद के साथ एक पत्नी की तरह रहती थीं। लेकिन उनके सौतेले बेटों ने नौकरानी के साथ मिलकर कर उनका मर्डर कर दिया था।

शिमला में जन्मी प्रिया राजवंश की शुरुआती पढ़ाई भी यहीं हुई। उनको को बचपन से ही कलाकारी करने का शोक था। इसी लिए उन्होंने पढ़ाई के दौरान नाटकों में हिस्सा लिया करती थीं। उनके पिता वन विभाग में कंजर्वेटर थे। लेकिन जब संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से उनके पिता को ब्रिटेन भेजा गया, तो उनके साथ प्रिया भी लंदन पहुंच गईं। वहां पहुंचते ही प्रिया ने फेमस इंस्टीट्यूट रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामैटिक आर्ट्स में एडमिशन ले लिया।

प्रिया-चेतन आनंद की ऐसे हुई मुलाकात:
प्रिया जब नाटकों में काम करती थीं, तभी एक फोटोग्राफर ने उनकी कुछ तस्वीरें खींची। इन्हीं तस्वीरों को एक दोस्त के घर पर फिल्मी डायरेक्टर चेतन आनंद ने देख लिया और उन्हें प्रिया की ये तस्वीरें भा गईं। और उस वक्त चेतन अपनी नई फिल्म ‘हकीकत’ के लिए एक नए चेहरे की तलाश में थे। जब उन्होंने प्रिया की फोटोज देखी तो उन्हें वे फिल्म के लिए बिल्कुल परफेक्ट लगीं। चेतन ने तुरंत प्रिया से कॉन्टैक्ट किया और उन्हें फिल्म में साइन कर लिया।

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अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं थे चेतन:
चेतन आनंद अपनी शादीशुदा जिंदगी से बहुत ज्यादा परेशान चल रहे थे। पत्नी उमा से उनकी अनबन बहुत बढ़ चुकी थी। ऐसे में शूटिंग के दौरान प्रिया से उनकी नजदीकियां बढ़ने लगीं। और दोनों एक दूसरे के बहुत ही करीब आने लगे, हालांकि, चेतन और प्रिया की उम्र में करीब 16 साल का अंतर था, लेकिन यह फासला उन्हें करीब आने से नहीं रोक पाया। और फिर प्रिया सिर्फ चेतन की ही होकर रह गईं। और उनकी पहचान भी चेतन की पत्नी के रूप में होने लगी। जब की प्रिया ने चेतन आनंद से शादी नहीं की थी, चेतन प्रिया को इतना चाहने लग गए थे कि उनकी वजह से अपने भाइयों से भी उनका विवाद हो गया था। हुआ ये कि उनके भाई देव आनंद फिल्म में माला सिन्हा को लेना चाहते थे, लेकिन चेतन चाहते थे कि प्रिया इस फिल्म में काम करें। वहीं, चेतन के दूसरे भाई विजय आनंद की पसंद वहीदा रहमान थीं। जहाँ प्रिया के लिए दोनों भाइयों को राजी न कर पाने की वजह से गुस्साए चेतन ने देव आनंद द्वारा माला सिन्हा को फिल्म में लिए जाने का विरोध किया और वहीदा रहमान का समर्थन किया।

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चेतन के इतने करीब आ चुकी थीं प्रिया कि चेतन ने उनके लिए एक अलग बंगला बनवा दिया था। क्योंकि चेतन आनंद ने अपनी पहली शादी नहीं तोड़ी, जिसकी वजह से उन्होंने प्रिया के लिए एक अलग बंगला बनवाया और कई सालों तक उनके साथ रहे। तो दूसरी तरफ प्रिया भी चेतन के साथ अपनी जिंदगी खुशहाल तरीके से जी रही थीं, लेकिन मुश्किलें उस वक्त टूट पड़ीं, जब चेतन का निधन हो गया। क्योंकि जब 1997 में चेतन का निधन हो गया तो प्रिया एकदम अकेली पड़ गईं। उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी की वजह वह बंगला था जिसको चेतन ने प्रिया के लिए बनवाया था। क्योंकि चेतन के बेटे केतन आनंद और विवेक आनंद प्रिया को इस बंगले से निकाल देना चाहते थे, ताकि इसे हथिया सकें। जिसकी कीमत लगातार बढ़ती ही जा रही थी। लेकिन वो अपनी कोशिश में नाकाम रहे।

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लेकिन चेतन के बेटों पर लालच का नशा चढ़ चूका था। और उनको किसी भी हाल में इस बंगले को अपने हाथ में लेना चाहते थे। जब अपनी कोशिश में नाकाम हो गए तो इन्होंने प्रिया को ही अपने रास्ते से हटाने के लिए सोच लिया। और उन्होंने बंगले में काम करने वाली नौकरानी माला चौधरी और एक कर्मचारी अशोक स्वामी को अपने साथ मिलाकर प्रिया के मर्डर का षडयंत्र रचा। जहाँ 27 मार्च, 2000 को प्रिया अपने बंगले में रहस्यमयी तरीके से मृत मिलीं। प्रिया के मौत की खबर सामने आते ही हड़कंप मच गया। और ये कहा जाने लगा कि चेतन की मौत से दुखी प्रिया ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन जब पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तो शक की सुइयां चेतन के दोनों बेटों की ओर घूमी। काफी तफ्तीश के बाद यह साफ हो गया कि प्रिया की मौत में चेतन के दोनों बेटों, नौकरानी और बंगले में काम करने वाले कर्मचारी का हाथ है। जहाँ मुंबई की एक अदालत ने 31 जुलाई, 2002 को केतन आनंद और विवेक आनंद सहित उनके सहयोगियों नौकरानी माला चौधरी और अशोक स्वामी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई।

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