आधार नहीं होने पर राशन से इनकार, भात-भात कहते हुए 11 साल की बच्ची ने तोड़ा दम

Oct 17, 2017
आधार नहीं होने पर राशन से इनकार, भात-भात कहते हुए 11 साल की बच्ची ने तोड़ा दम

आजादी के छ: दशक बाद भी देश में कोई भूख से दम तोड़ दे तो ना सिर्फ हैरानी होती है बल्कि बेहद पीड़ा भी होती है। इन दिनों एक ऐसी ही हैरान करने वाली खबर सामने आई है जहाँ 11 साल की एक बच्ची ने भूक की वजह से अपना दम तोड़ दिया।

बता दें कि ये बेहद हैरान करने वाली ख़बर झारखंड के सिमडेगा की है। जहाँ पर कुछ दिनों से भूखी 11 साल की एक बच्ची की मौत हो गई है। इस बारे में मृत बच्ची की मां ने बताया कि उसने पिछले 4-5 दिनों से कुछ भी नहीं खाया था। बच्ची की मां ने कहा कि ‘डीलर के पास चावल लेने गई थी, लेकिन मुझे बताया गया कि मुझे राशन नहीं दिया जाएगा। मेरी बेटी ‘भात-भात’ कहते हुए मर गई।’ जिस की वजह ये बताई जा रही है कि वहां के स्थानीय राशन डीलर ने महीनों पहले ही उसके परिवार का राशन कार्ड रद्द करते हुए अनाज देने से इनकार कर दिया था। लेकिन इस बारे में राशन डीलर की दलील ये थी कि राशन कार्ड आधार नंबर से लिंक नहीं है, इसलिए अनाज नहीं मिल सकता।

राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और राशन के वितरण के भी आदेश दिए गए हैं। लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने कहा कि ‘डीलरों को साफ आदेश दिए गया है कि आधार कार्ड लिंक नहीं होने के कारण किसी भी व्यक्ति को राशन से वंचित नहीं किया जाएगा।’

जब बच्ची की मां कोयला देवी से पूछा गया कि क्या आपकी बच्ची स्कूल जाती है, क्या वहां उसे खाना नहीं मिला तो कोयला देवी ने बताया कि उसे स्कूल में खाना मिलता है लेकिन दुर्गा पूजा की छुट्टियों की वजह से स्कूल से खाना भी नहीं मिल पाया। कोयला देवी ने बताया कि वह वार्ड के पार्षद और मुखिया सहित कई लोगों से मदद मांगने गई लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। वह कई दिनों तक जंगलों में उगे पेचकी साग, गेठी, भाजी साग और करैला आदि खाकर रह रहे थे।

जहां एक ओर हम डिजिटल इंडिया की बात करते हैं वहीं दूसरी ओर भूख से दम तोड़ती एक बच्ची की व्यथा झकझोर देती है, और आपको ये जानकार हैरानी होगी कि अभी हाल ही में भारत वैश्विक भूख सूचकांक में 119 देशों की सूचकांक में 100वें नंबर पर आया था, जो कि एशिया के कई देशों से पीछे है।

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