बेटे को बचाने के लिए तांत्रिक के बहकावे में आकर तीन माह की बेटी को घड़े में रख जिंदा दफनाया

Sep 07, 2016
बेटे को बचाने के लिए तांत्रिक के बहकावे में आकर तीन माह की बेटी को घड़े में रख जिंदा दफनाया

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार ढक्का निवासी खालिद उर्फ सुकवा पुत्र शाकिर अली की पत्नी हुस्न जहां को करीब दस साल पहले एक बेटा पैदा हुआ था. वह सही-सलामत है. इसके बाद तीन-चार लड़के पैदा हुए लेकिन कोई जीवित नहीं बचा. खालिद इस वजह से परेशान था। दस माह पहले एक बच्ची पैदा हुई. वह बीमार चल रही थी.

ग्रामीणों के मुताबिक खालिद ने एक तांत्रिक से संपर्क किया जिसने सलाह दी कि दो माह के जिंदा बच्चे को जमीन में दबाने से यह समस्या खत्म हो सकती है. इसके बाद उसने रविवार शाम को बच्ची को मिट्टी की हांडी में रखकर बंद कर दिया और पत्नी के साथ गांव के ही गयासुद्दीन के बाग में गढ्ढा खोदकर दबा दिया.

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बेटी बचाओं – बेटी पढाओं का अभियान चलाया जा रहा हैं. वहीँ दूसरी तरफ कुछ लोग एेसे भी हैं जो आज भी बेटियों को मार रहे हैं. जहाँ एक पिता पर बेटें को बचाने के लिए तांत्रिक के चक्कर में दो माह की बेटी को जिंदा जमीन में गाड़ने का आरोप लगा है.

थाना सैदनगली के गांव ढक्का निवासी ग्रामीण ने एक तांत्रिक के बहकावे में आकर अपनी ही तीन माह की बच्ची को जिंदा ही हांडी में बंद कर दिया और उसे जमीन में दफना दिया.

घटना की सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने पांच घंटे बाद ग्रामीणों की मदद से बच्ची के शव को गड्ढे से निकाला और पोस्मार्टम के लिए भेज दिया. घटना के बाद से थाना पुलिस आरोपी पिता और तांत्रिक की तलाश में लगी है.

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