किडनी रैकेट में सरगना टी राजकुमार राव और तीन अन्य को गिरफ्तार

Jun 08, 2016

अपोलो अस्पताल में किडनी रैकेट का भंडाफोड होने के चार दिन बाद बुधवार को मुख्य सरगना टी राजकुमार राव और तीन अन्य को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने कहा कि मामले के सिलसिले में दस डाक्टरों से पूछताछ की जा सकती है. करीब 40 वर्षीय राव को नेपाल, श्रीलंका और इंडोनेशिया में इसी तरह के गिरोहों से जुडा माना जाता है. उसे पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया गया. उसे अदालत में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जाएगा.

जालंधर, कोयंबटूर और हैदराबाद में इसी तरह के गिरोह चलाने के लिए जांच के घेरे में आये राव की पहचान रैकेट में बिचौलिये से पूछताछ के साथ हुई और उसकी तलाश में कई राज्यों में पुलिस दल भेजे गये.

अपोलो अस्पताल में प्रतिरोपण सर्जरी के लिए आंतरिक आकलन समिति में सभी दस डाक्टरों से भी पूछताछ की जाएगी. समिति में अस्पताल में काम करने वाले वरिष्ठ डाक्टर, स्वतंत्र डॉक्टर और एक सरकारी डाक्टर शामिल हैं.

इससे पहले पुलिस ने एक विवाहित जोडे को गिरफ्तार किया और एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया. सभी की पहचान रैकेट से जुडे किडनी डोनरों के तौर पर की गयी है. तीनों की पहचान कानपुर के रहने वाले पति-पत्नी उमेश और नीलू और पिछले हफ्ते गिरफ्तार पांच आरोपियों में से एक की पत्नी ममता उर्फ मौमिता के तौर पर की गयी है.

पूछताछ के दौरान उमेश और नीलू ने पुलिस से कहा कि उन्होंने क्रमश: चार लाख और तीन लाख रपये में अपनी किडनी बेची क्योंकि उन्हें अपने नाबालिग बेटे के पैर की सर्जरी के लिए पैसे की तत्काल जरुरत थी.

उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि जब उन्हें अपनी किडनी बेचे जाने की वास्तविक कीमत पता चली तो उन्होंने खुद को ठगा महसूस किया. तीसरी आरोपी ममता ने दरअसल पुलिस को किडनी रैकेट तक पहुंचाया.

ममता को अपने पति देवाशीष मौलिक पर अपनी किडनी बेचे जाने के बाद मिली राशि को लेकर ठगे जाने का आरोप लगाया. अधिकारी के अनुसार जांच के दौरान पता चला कि देवाशीष ने पहले खुद की किडनी देने की पेशकश की थी लेकिन शारीरिक रुप से इस योग्य नहीं पाये जाने के बाद उसने अपनी पत्नी को ऐसा करने के लिए मना लिया.

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